ब्रिटेन और पोलैंड के बीच अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस डील हुई है। करीब 5 अरब डॉलर की इस डील के तहत ब्रिटेन पोलैंड को नेक्स्ट जेनरेशन एयर डिफेंस सिस्टम देगा।
पोलैंड की सरकार ने साफ कहा है कि उसे रूस की तरफ से क्रूज मिसाइल दागे जाने का खतरा है। रूसी फाइटर जेट्स भी उस पर हमला कर सकते हैं। लिहाजा, यह डिफेंस डील बेहद जरूरी हो गई थी।
खास बात यह है कि 7 नवंबर को ही नाटो अलायंस और रूस के बीच कोल्ड वॉर ट्रीटी सस्पेंड हुई थी। इसी दिन एक्सपर्ट्स ने कहा था कि इससे यूरोप में हथियारों की दौड़ काफी तेज हो सकती है। उनकी यह बात सच होती नजर आ रही है।
40 किलोमीटर है रेंज
ब्रिटिश आर्म ऑफ डिफेंस कंपनी (MBDA) पोलैंड को ग्राउंड बेस्ड नेक्स्ट जेनरेशन एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराएगी। ये सिस्टम किसी भी क्रूज मिसाइल या फाइटर जेट को 40 किलोमीटर दूरी पर ही मार गिराने में सक्षम है।
ब्रिटेन के डिफेंस मिनिस्टर ग्रांट शेप्स ने कहा- यह करार ऐतिहासिक है। हमारे दुश्मनों को इसके जरिए माकूल जवाब दिया जा सकेगा। पोलैंड को इस एयर डिफेंस सिस्टम की सख्त जरूरत थी, क्योंकि उसके आसपास रूस का दखल बढ़ रहा है।
पोलैंड की तरफ से जारी बयान के मुताबिक- रूसी मिसाइल, ड्रोन और स्पाय बैलून्स का खतरा बढ़ता जा रहा था। हमारे हवाई सीमा में पिछले कुछ साल में घुसपैठ की कई कोशिशें हुईं हैं। यूक्रेन हमारा पड़ोसी देश है। वहां के हालात का असर यहां भी देखा जा सकता है। लिहाजा, ये डील वक्त की जरूरत है।
पोलैंड और ब्रिटेन के बीच इस डील पर बातचीत जून से चल रही थी। तब पहली बार रूस ने संकेत दिए थे कि वो कोल्ड वॉर ट्रीटी से अलग हो सकता है। अब यह एयर डिफेंस डील पोलैंड की सुरक्षा के लिहाज से अहम साबित हो सकती है।
यूक्रेन जंग का असर
फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया। उसके हजारों सैनिक पड़ोसी देश यूक्रेन में घुस गए। यह जंग अब तक जारी है और नाटो मेंबर्स खुलकर यूक्रेन का साथ दे रहे हैं। इसकी वजह ये है कि अमेरिका किसी तरह यूक्रेन को नाटो का हिस्सा बनाकर वहां फौज की तैनाती करना चाहता है।
दूसरी बात ये है कि नाटो मेंबर्स पोलैंड, स्लोवाकिया, रोमानिया और हंगरी की सीमाएं यूक्रेन से मिलती हैं।
रूस और नाटो देशों के बीच कोल्ड वॉर ट्रीटी को भले ही सस्पेंशन का नाम दिया गया हो, लेकिन सच्चाई ये है कि ये खत्म हो चुकी है।
रूस का आरोप है कि पश्चिमी देश इस ट्रीटी का उल्लंघन करते रहे हैं। मॉस्को ने मंगलवार को एक बयान में कहा- हमने बातचीत के दरवाजे खुले रखे थे, ताकि यूरोप में हथियार नियंत्रण किया जा सके। हालांकि, विरोधी इसका फायदा नहीं उठा पाए। ट्रीटी से अलग होने का फैसला रूस की नेशनल सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
ब्रिटिश आर्म ऑफ डिफेंस कंपनी (MBDA) पोलैंड को ग्राउंड बेस्ड नेक्स्ट जेनरेशन एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराएगी।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं
दो महीने पहले अमेरिकी थिंक टैंक ‘अटलांटिक काउंसिल’ ने एक रिपोर्ट में कहा था- अगर कोल्ड वॉर के दौरान की गई सिक्योरिटी ट्रीट रद्द होती है तो यूरोप में हथियारों की दौड़ तेज होगी। इसका नुकसान इस क्षेत्र के सभी देशों को होगा, क्योंकि उन्हें रूस के खतरे से निपटने के लिए हथियारों और सिक्योरिटी पर जरूरत से बहुत ज्यादा खर्च करना होगा। बुधवार को ब्रिटेन-पोलैंड डिफेंस डील ने उनकी इस बात पर मुहर भी लगा दी।
हालांकि, यूक्रेन को इसका फायदा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि उसके करीबी देशों में अब अमेरिका और नाटो मेंबर्स की तैनाती बढ़ जाएगी और रूस इन देशों में सीधी दखलंदाजी से बचेगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस बारे में अलग से अब तक बयान जारी नहीं किया है।