भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे एग्रीमेंट खत्म करेगा मालदीव:यह समझौता 2019 में आईलैंड के पानी पर रिसर्च करने के लिए साइन हुआ था

भारतीय सैनिकों की वापसी की मांग करने के बाद अब मालदीव ने भारत के साथ हुए हाइड्रोग्राफिक सर्वे एग्रीमेंट खत्म करेगा। गुरुवार देर रात मालदीव सरकार ने इस एग्रीमेंट को रिन्यू नहीं करने का फैसला किया। एग्रीमेंट 7 जून 2024 को एक्सपायर हो जाएगा। यह समझौता 2019 में मालदीव आईलैंड के पानी पर रिसर्च करने के लिए हुआ था।

इस समझौते के तहत भारत को मालदीव आईलैंड के पानी, रीफ, लैगून, कोस्टलाइन, समुद्री धाराओं और टाइड्स पर स्टडी करने की अनुमति दी गई थी।

19 फरवरी से 26 फरवरी 2023 के बीच भारतीय नौसेना ने मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स के साथ तीसरा जॉइंट हाइड्रोग्राफिक सर्वे किया था। पहला सर्वे मार्च 2021 और दूसरा सर्वे मई 2022 में हुआ था। वहीं, मालदीव सरकार के इस फैसले को ‘इंडिया आउट’ कैम्पेन के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।

मालदीव में 2 साल पहले शुरू हुआ ‘इंडिया आउट’ कैम्पेन
2018 की बात है। चीन के करीबी और PPM के नेता राष्ट्रपति अब्दुल्लाह यामीन राष्ट्रपति चुनाव हार जाते हैं। बाद में उन्हें हवालेबाजी और एक अरब डॉलर के सरकारी धन का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया। 2019 में यामीन को पांच साल की सजा हुई। नए राष्ट्रपति बने इब्राहिम मोहम्मद सोलिह, जो ‘इंडिया फर्स्ट’ की पॉलिसी पर चलते थे।

कोरोना के चलते यामीन की जेल की सजा को नजरबंदी में बदल दिया गया। नवंबर 2021 में यामीन के खिलाफ लगे सारे आरोप खारिज कर दिए गए और 30 नवंबर को रिहा कर दिया गया। इसके बाद उनका दोबारा राजनीति में आने का रास्ता भी साफ हो गया। इसके बाद वह चुनाव प्रचार में जुट गए और अक्सर अपने भाषणों में लोगों से अपील करने लगे कि अपने घरों की दीवारों पर ‘इंडिया आउट’ लिखें।

2023 के राष्ट्रपति चुनाव में मोहम्मद सोलिह के खिलाफ मोहम्मद मुइज्जू ने दावेदारी पेश की। उन्होंने मालदीव में कथित भारतीय सेना की उपस्थिति के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था और इसे लेकर कई विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए। यह अभियान इस बात पर आधारित था कि भारतीय सैनिकों की मौजूदगी मालदीव की संप्रभुता के लिए खतरा है।

अक्टूबर में हुए मालदीव के राष्ट्रपति चुनाव में प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव यानी PPM के नेता मोहम्मद मुइज्जू की जीत हुई। PPM गठबंधन को चीन के साथ करीबी रिश्तों के लिए जाना जाता है। मुइज्जू की जीत के साथ ही ये अटकलें तेज हो गईं कि अब तक मौजूदा राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की ‘इंडिया फर्स्ट’ पॉलिसी वाले मालदीव का रुख बदल जाएगा और ये भारत के लिए परेशानी बन सकता है।

मालदीव से 75 सैनिकों को वापस बुलाएगा भारत
भारत सरकार ने मालदीव में मौजूद अपने 75 सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने COP28 क्लाइमेट समिट के दौरान भारतीय अधिकारियों की मौजूदगी में इस बात की जानकारी दी। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने फिलहाल इस पर कोई बयान नहीं दिया है।

चीन समर्थक माने जाने वाले राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा था- भारत सरकार के साथ इस मुद्दे पर बातचीत हुई। भारत ने सैनिकों को वापस बुलाने पर सहमति जताई। हमने डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एक हाई लेवल कमेटी गठित करने पर भी सहमति जताई है।

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