मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति को ईद की बधाई दी:कहा- शांति के लिए भाईचारा जरूरी; प्रेसिडेंट मुइज्जू ने चलाया था ‘इंडिया आउट’ कैंपेन

मालदीव के साथ तनाव के बीच बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मुइज्जू को ईद-उल-फितर की बधाई दी। अपने मैसेज में PM मोदी ने लिखा, “ईद-उल-फितर का यह खास मौका दुनियाभर के लोगों को करुणा, भाईचारे और एकजुटता की याद दिलाता है। यह एक शांतिपूर्ण और समावेशी दुनिया के लिए जरूरी है।”

इसके अलावा PM मोदी ने भारत-मालदीव के बीच साझा संस्कृति और सभ्यता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “इसके जरिए ही दोनों देश लंबे समय से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।” मालदीव में मौजूद भारतीय हाई कमिशन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए PM मोदी के बधाई संदेश की जानकारी दी।

PM मोदी का यह संदेश ऐसे समय पर आया है, जब पिछले कुछ महीनों में मालदीव के साथ रिश्ते चुनौतीपूर्ण रहे हैं। पड़ोसी देश में मोहम्मद मुइज्जू ने राष्ट्रपति बनने के बाद से ‘इंडिया आउट’ की पॉलिसी अपनाई है। इसके तहत वहां मौजूद 88 भारतीय सैनिकों को हटाने का फैसला किया गया था। सैनिकों का पहला बैच पिछले महीने लौट चुका है। वहीं सभी सैनिकों के मालदीव से जाने के लिए 10 मई की तारीख तय की गई है।

मालदीव को जरूरी सामान की सप्लाई 43 सालों में सबसे ज्यादा
इससे पहले 7 अप्रैल को भारत ने घोषणा की थी कि मुइज्जू सरकार की अपील पर भारत 2024-25 के लिए मालदीव में जरूरी सामानों का एक्सपोर्ट जारी रखेगा। यह फैसला भारत के पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने वाली नीति ‘नेबर्स फर्स्ट’ के तहत लिया गया है।

इस दौरान सामान की जो मात्रा तय की गई थी वो 1981 के बाद सबसे ज्यादा थी। दरअसल, भारत सरकार ने देश में चावल, चीनी और प्याज जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम काबू में रखने के लिए इनके एक्सपोर्ट पर फिलहाल रोक लगा रखी है। लेकिन प्रतिबंधों के बावजूद मालदीव में इन सामानों की सप्लाई जारी रहेगी।

दूसरी तरफ, मालदीव ने दिसंबर में भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे समझौता रद्द करने की घोषणा की थी। राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा था कि देश इस सर्वे में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और तकनीक को खुद जुटाएगा।

राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की जगह पहले चीन के दौरे पर गए थे मालदीव के राष्ट्रपति
‘इंडिया आउट’ पॉलिसी के बीच राष्ट्रपति मुइज्जू ने चीन के साथ रिश्तों पर फोकस किया है। मालदीव में चुनाव के बाद आम तौर पर नए राष्ट्रपति पहले भारत का दौरा करते थे। लेकिन राष्ट्रपति मुइज्जू पद संभालने के बाद अपने पहले विदेश दौरे पर चीन गए थे।

इसके अलावा मार्च में दोनों देशों के बीच सैन्य समझौता भी हुआ था। इसके ठीक बाद मुइज्जू ने बयान दिया था कि 10 मई के बाद कोई भी भारतीय सैनिक न यूनिफॉर्म और न ही सादे कपड़ों में भी मालदीव में नहीं रहेगा। राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने इस साल जनवरी में चीन का दौरा किया था।
मालदीव में 2 साल पहले शुरू हुआ ‘इंडिया आउट’ कैम्पेन
2023 के राष्ट्रपति चुनाव में मोहम्मद सोलिह के खिलाफ मोहम्मद मुइज्जू ने दावेदारी पेश की थी। उन्होंने मालदीव में भारतीय सेना की उपस्थिति के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था और इसे लेकर कई विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए थे। यह अभियान इस बात पर आधारित था कि भारतीय सैनिकों की मौजूदगी मालदीव की संप्रभुता के लिए खतरा है।

अक्टूबर में हुए मालदीव के राष्ट्रपति चुनाव में प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव यानी PPM के नेता मोहम्मद मुइज्जू की जीत हुई। PPM गठबंधन को चीन के साथ करीबी रिश्तों के लिए जाना जाता है। जीत के बाद शपथ ग्रहण समारोह से पहले नवंबर 2023 में मुइज्जू ने आश्वासन दिया था कि मालदीव में भारतीय सैनिकों की जगह चीनी सेना तैनात नहीं की जाएगी।

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