राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री श्री रामपाल सिंह की अध्यक्षता में रानी अवंतीबाई परियोजना की बैठक में कहा कि परियोजना का विस्तार गाडरवारा तक किया जाये। श्री सिंह ने नर्मदा घाटी की बरगी परियोजना से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये
कि शक्कर वृहद परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा करें। उन्होंने कहा कि बरगी बाँध तट नहर से सिंचाई का प्रावधान शक्कर नदी के दायीं पार्श्व तक सीमित है। इससे बरगी नहरों के अंतिम छोर में जल प्रवाह सीमित होने से अतिरिक्त क्षेत्र को सिंचाई दे पाना संभव नहीं है। श्री सिंह ने निर्देश दिये कि शक्कर नदी के बायीं पार्श्व से दूधी नदी तक लगभग 60 हजार 400 हेक्टेयर भूमि गाडरवारा तहसील के 181 गाँव में आती है। इस पर सिंचाई सुविधा के लिये 60 क्यूमेक्स जल की आवश्यकता होगी। यह सिंचाई ग्रेविटी सिस्टम से की जायेगी, जिस पर ऊर्जा व्यय शून्य रहेगा। शक्कर वृहद परियोजना से 25 मेगावॉट विद्युत उत्पादन भी होगा। बैठक में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रजनीश वैश्य ने बताया कि शक्कर परियोजना के कार्य को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। परियोजना से संबंधित प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) अनुमोदन के लिये केन्द्रीय जल आयोग को दिसम्बर 2013 में भेज दिया गया है। परियोजना की वर्तमान लागत 1003 करोड़ रुपये है। बैठक में विधायक श्री गोविन्द सिंह पटेल, श्री जालमसिंह पटेल, मुख्य अभियंता श्री आर.पी. मालवीय सहित संबंधित कार्यपालन यंत्री उपस्थित थे।