मध्यप्रदेश सरकार हेंडपम्पों के माध्यम से जल प्रदाय को विशेष महत्व दे रही है। इसी दृष्टि से इस साल हेंडपम्प के रख-रखाव आदि के लिए बजट में पर्याप्त राशि रखी गई है। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 5 लाख 20 हजार से अधिक हेंडपम्प स्थापित है।
इन सभी हेंडपम्प का संधारण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इनमें से 93.86 प्रतिशत अर्थात् लगभग 4 लाख 89 हजार हेंडपम्प चालू हालत में। लगभग 32 हजार हेंडपम्प मुख्यत: जल-स्तर काफी नीचे चले जाने के कारण बंद है। हेंडपम्प संधारण के लिये 1000 संविदा हेंडपम्प तकनीशियन लगाये गये थे, जिन्हे पूर्व में प्रतिमाह 5000 रुपये का भुगतान किया जा रहा था। इसे अब बढ़ाकर 6500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। हेंडपम्पों के समुचित रख-रखाव, कल पुर्जे एवं पाइप आदि सामग्री उपलब्ध करवाने तथा मजदूरी आदि के लिये चालू माली साल के बजट में 77 करोड़ 92 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें राज्यांश 38 करोड़ 96 लाख तथा शेष राशि केन्द्रांश है। सरकार ने पिछले वर्ष 2013-14 में पुराने क्षतिग्रस्त टूटे-फूटे प्लेटफार्म के निर्माण के लिए निर्धारित 30 हजार के लक्ष्य के विरुद्ध 24 हजार 68 प्लेटफार्म निर्मित करवाए गये थे। इसी प्रकार चालू साल में 24 हजार हेंडपम्प के पुराने टूटे-फूटे प्लेटफार्म के पुनर्निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैं। इसमें राज्यांश 10 करोड़ 50 लाख तथा केन्द्रांश भी इतना ही है। इससे टूटे-फूटे प्लेटफार्म के स्थान पर नये प्लेटफार्म का निर्माण हो सकेगा तथा प्रदूषित जल को नलकूप में जाने से रोका जा सकेगा।