मध्यप्रदेश की बेटी बचाओ योजना अब राष्ट्रीय योजना बनी

मध्यप्रदेश सरकार के बेटी बचाओ अभियान को केन्द्र सरकार अपनाने जा रही है। हरियाणा के पानीपत से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना राष्ट्रीय स्वरूप के साथ प्रारंभ हो रही है।

महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि योजना में केन्द्र सरकार ने प्रदेश के चार जिले को चुना है। इनमें दतिया, ग्वालियर, भिण्ड और मुरैना शामिल हैं। श्रीमती माया सिंह ने कहा कि 1 अक्टूबर 2007 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में बेटी बचाओ अभियान की शुरूआत की थी। इसके पहले लाड़ली लक्ष्मी योजना वर्ष 2006 से प्रारंभ हुई। इसमें बालिका के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई और विवाह तक का दायित्व सरकार उठाती है। वर्ष 2014 में स्वागतम लक्ष्मी योजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के परिणामों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। इसके स्वरूप को केन्द्र सरकार ने स्वीकारते हुए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को अब पूरे देश में लागू करने का फैसला किया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में मध्यप्रदेश के शामिल चार जिले की कार्य-योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए ग्रामवार और ब्लाकवार एक्शन प्लान बनाया जा रहा है। हरियाणा में पानीपत से शुरू हो रही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के साथ 20 जनवरी से तीन-दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार भी होगा। सेमीनार में बच्चों और महिलाओं के मुद्दे पर व्यापक विचार-विमर्श होगा। दिनांक 21 जनवरी को ‘न्यूट्रीशन एवं हेल्थ’ विषयक सत्र की अध्यक्षता महिला-बाल विकास मंत्री करेंगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को तीन-दिवसीय सेमीनार का समापन करेंगे।

केन्द्र सरकार के आग्रह पर राज्य सरकार प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के हित में चलाई जा रही योजनाओं और उसके परिणामों पर केन्द्रित प्रदर्शनी लगायेगी। इस प्रदर्शनी में लाड़ली लक्ष्मी, स्वागतम लक्ष्मी, बेटी बचाओ, शौर्या दल आदि योजना की जानकारी देने के साथ ही इसके सकारात्मक परिणाम को बताया जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *