मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सी.एम. हेल्पलाइन की समाधान प्रक्रिया में नागरिक संतोष को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये। समाधान व्यवस्था की विश्वसनीयता के साथ किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
उचित निराकरण नहीं करने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई भी की जायेगी। श्री चौहान आज सी.एम. हेल्पलाइन और लोक सेवा प्रदाय गारंटी कानून की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सी.एम. हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा वे स्वयं भी करेंगे। इस संबंध में प्रतिमाह विभिन्न विभाग के प्रमुख सचिवों की बैठक लेंगे। कॉल सेंटर कार्यकर्ताओं के साथ भी संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण प्रथम स्तर पर करने की प्रभावी व्यवस्था की जाये। अधिकारियों के कार्य आकलन में संबंधित अधिकारी द्वारा 181 पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण में उसकी तत्परता को भी आधार बनाया जाये। विभागीय सेवाओं के आकलन में भी 181 के डाटाबेस के उपयोग की उन्होंने जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में हो, इसके पुख्ता प्रबंधन के साथ ही शिकायतकर्ता को भी बताया जाये कि निराकरण में कितना समय लगेगा। वह नियत अवधि तक प्रतीक्षा करे।