प्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी के कार्य में तेजी आयी है। अब तक भोपाल संभाग में सबसे ज्यादा 3.41 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की गई है। संभाग में 541 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं।
प्रदेश के अन्य संभाग में उज्जैन में 2 लाख 78 हजार मीट्रिक टन, इंदौर में 2 लाख 57 हजार मीट्रिक टन, नर्मदापुरम संभाग में एक लाख 16 हजार मीट्रिक टन, सागर संभाग में 66 हजार मीट्रिक टन, जबलपुर संभाग में 33 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी हुई है। ग्वालियर संभाग में 26 हजार, रीवा संभाग में 2,200 एवं चम्बल संभाग में 5,800 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी हुई है। प्रदेश में अब तक 11 लाख 37 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है।
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी के लिये 2969 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। प्रदेश में खरीदी का कार्य 25 मार्च से प्रारंभ हुआ है। किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्य 26 मई तक चलेगा। प्रदेश में केन्द्र सरकार से गेहूँ की गुणवत्ता संबंधी छूट मिलने के बाद गेहूँ खरीदी में तेजी आयी है। प्रदेश में प्रतिदिन अब डेढ़ लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा रही है। इस वर्ष 18 लाख 50 हजार से अधिक किसान ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने के लिये रजिस्ट्रेशन करवाया है। अब तक एक लाख 67 हजार किसान से 1450 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को गेहूँ खरीदी के बदले अब तक 1025 करोड़ रू का भुगतान किया जा चुका हैं। प्रदेश में मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कार्पोरेशन को गेहूँ खरीदी के कार्य के लिये नोडल एजेंसी बनाया गया है। खरीदी कार्य व्यवस्थित तरीके से हो सके, इसके लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला-स्तरीय समिति का भी गठन किया गया है। प्रदेश में 9 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा चुका है।