प्रदेश में आगामी एक जनवरी से पॉलीथीन पर प्रतिबंध लगेगा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि पूरे प्रदेश में आगामी एक जनवरी से पॉलीथीन पर प्रतिबंध लागू किया जाये। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन-स्थल और पवित्र शहर उज्जैन, अमरकंटक, खजुराहो, पचमढ़ी, महेश्वर, ओंकारेश्वर और ओरछा में आगामी

एक सितम्बर से पॉलीथीन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन करवाया जाये। पॉलीथीन के उपयोग को रोकने के लिये प्रदेश में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ नगरीय विकास और पर्यावरण एवं आवास विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं पर्यावरण मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में नगरीय विकास से संबंधित कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि आने वाले तीन वर्ष में प्रदेश के हर शहर को पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसे चरणबद्ध रूप से पूर्ण करने की योजना बनाये। वर्ष 2018 तक शहरी गरीबों के लिये 5 लाख आवास उपलब्ध करवाने के लक्ष्य को पूर्ण करने के लिये प्रत्येक शहर में स्लम डेवपलमेंट का कार्य शुरू करें। उन्होंने निर्देश दिये कि भोपाल और इंदौर के बीच एक नये ग्रीन फील्ड शहर को विकसित करने की योजना बनायें।

शहरी विकास प्राधिकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों के लिये गठित शहरी विकास प्राधिकरण को विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिये सक्रिय करें। प्रदेश और देश में शहरी विकास के क्षेत्र में किये गये बेहतर नवाचारों से इन्हें अवगत करवायें और प्रशिक्षित करें। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में जाने वाले तीर्थ-यात्रियों के लिये प्रदेश के चार बड़े शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में धर्मशाला का निर्माण करवायें। साथ ही प्रदेश के बाहर के प्रमुख तीर्थ-स्थलों पर प्रदेश के यात्रियों को रूकने और मार्गदर्शन की व्यवस्था बनाये। शहरों में अधोसंरचना विकास के स्वीकृत कामों को पूर्ण करने के लिये चरणबद्ध कार्यक्रम बनायें। श्रमिकों और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिये क्रियान्वित राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ इन वर्गों को दिलाने के लिये नगरीय निकायों के अमले को सक्रिय करें। प्रदेश के इंदौर और भोपाल में निर्मित बीआरटीएस व्यवस्थित रूप से चले इसके लिये लघु और दीर्घकालीन सुधार की योजना बनायें। शहरी गरीबों के लिये आवास की भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया का विकेन्द्रीकरण करें। निजी और शासकीय क्षेत्रों में कमजोर आय वर्गों के हितग्राहियों के लिये उपलब्ध करीब सवा लाख आवास के वितरण का कार्य अगले तीन माह में सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा करें। शहरी गरीबों के लिये बनाये जाने वाले आवासों के आकार को बड़ा करने पर विचार करें। इसके लिये जरूरी हो तो आय-सीमा में संशोधन करें।

शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शहरी क्षेत्र की अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक बनाने और इसके लिये आवश्यक अमले की पूर्ति करें। शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यक्रम को प्राथमिकता से लें तथा इसे स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ कर मिशन मोड में चलायें।

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