तम्बाकू के सेवन तथा धूम्रपान से हजारों व्यक्ति असमय काल के गाल में समा जाते हैं। तम्बाकू तथा धूम्रपान की बुराईयों के प्रति लोगों को सचेत करने के लिए हर वर्ष विश्व भर में 31 मई को तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है।
स्थानीय निकायों में निबंध लेखन, प्रश्न मंच, संगोष्ठी आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं, छात्र-छात्राओं तथा आमजन को तम्बाकू एवं धूम्रपान की बुराईयों से अवगत कराया जाएगा। तम्बाकू एवं धूम्रपान केंसर का सबसे बडा कारण है इससे हृदय रोग और क्षय रोग भी होते हैं। शासन द्वारा कानून बनाकर सार्वजनिक स्थल तथा कार्यालयों में धूम्रपान को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान है।