कौमार्य और गर्भवती परीक्षण नहीं

बैतूल जिला प्रशासन ने हरदू ग्राम में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सामूहिक विवाह समारोह में कुछ युवतियों के कौमार्य परीक्षण किये जाने को पूर्णतया निराधार बताया है। जिला कलेक्टर श्री राजेश प्रसाद मिश्रा ने कहा कि समारोह में युवतियों के गर्भवती होने और कौमार्य परीक्षण के संबंध में प्रकाशित समाचार पूर्णतया निराधार है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्राप्त शिकायत और प्रकाशित समाचारों का संज्ञान लेकर भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सहायक कलेक्टर बैतूल सुश्री नेहा माख्या को जाँच अधिकारी नियुक्त कर जाँच करवायी जा रही है।जिला कलेक्टर के अनुसार वस्तुस्थिति यह है कि 7 जून को चीचली विकास खण्ड के ग्राम हरदू में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह के लिये 338 जोड़ों द्वारा पंजीयन करवाया गया था। समारोह दिवस को विवाह स्थल पर 60 अतिरिक्त जोड़े भी उपस्थित हुए। नवीन 60 जोड़ों में से पूर्व से विवाहित होने की जानकारी उपस्थित लोगों द्वारा देने पर 11 जोड़े अपात्र पाये गये। इस तरह समारोह में पूर्व में पंजीयत 334 और नये 49 जोड़ों सहित कुल 383 जोड़ों का विवाह हुआ। कलेक्टर के अनुसार समारोह में उपस्थित व्यक्तियों द्वारा बाद में आये 60 जोड़ों में से कुछ युवतियों को पूर्व से विवाहित बताये जाने पर उनका विवाह नहीं करवाया गया।

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