प्रदेश में अब तक समर्थन मूल्य पर धान की 10 लाख 24 हजार मीट्रिक टन खरीदी की जा चुकी है। प्रदेश में खरीदी का कार्य 2 नवम्बर से शुरू हुआ था, जो 25 जनवरी तक चलेगा। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर 883 केन्द्र पर खरीदी का कार्य किया जा रहा है। राज्य में धान बेचने के लिए इस वर्ष 5 लाख 65 हजार किसान ने पंजीयन करवाया है। किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत न हो, इसके लिए उनको किस तारीख को मंडी पहुँचना है इसकी जानकारी भी एसएमएस के जरिये दिये जाने की व्यवस्था की गई है।
इस साल प्रदेश में 15 लाख मीट्रिक टन धान के उपार्जन का अनुमान लगाया गया है। पिछले साल प्रदेश में 12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गयी थी। इस वर्ष किसानों से कामन किस्म 1410 रुपये और ग्रेड-‘ए’ धान 1450 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जा रहा है।
मोटे अनाज की हुई 21 हजार मीट्रिक टन खरीदी
प्रदेश में अब तक समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज की 21 हजार मीट्रिक टन खरीदी की जा चुकी है। मोटे अनाज की खरीदी का कार्य 26 अक्टूबर से शुरू हुआ है, जो 25 जनवरी तक चलेगा। मोटे अनाज की खरीदी का कार्य इन दिनों 223 केन्द्र पर चल रहा है। समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज की बिक्री के लिये 92 हजार से अधिक किसान ने पंजीयन करवाया है।
प्रदेश में हाईब्रिड ज्वार 1570 रुपये, मालडण्डी 1590 रुपये, बाजरा एफएक्यू 1275 और मक्का एफएक्यू 1325 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर किसानों से खरीदी जा रही है। इस वर्ष प्रदेश में 5 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज की समर्थन मूल्य पर खरीदी का अनुमान लगाया गया है। किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर करने के लिये खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये गये हैं। धान खरीदी में ई-उपार्जन सॉफ्टवेयर के आँकड़ों के आधार पर उपार्जन समितियों के बैंक खातों में प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को भुगतान किये जाने की व्यवस्था की गई है। समितियों द्वारा उपार्जित मोटा अनाज उपार्जन एजेन्सियों के गोदाम में जमा किया जा रहा है। खरीदी केन्द्र पर बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।