मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गाँवों को पारंपरिक ऊर्जा से विद्युतीकृत किये जाने का कार्य हर हाल में आगामी मार्च माह तक पूर्ण कर दिया जाये। श्री चौहान ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऊर्जा विभाग द्वारा 20 परिवारों से अधिक आबादी वाले मजरे-टोले और गाँवों को भी विद्युतीकृत करने का कार्य अभियान के रूप में किया जाये। जिलेवार ऐसे मजरे-टोले और गाँवों को चिन्हित कर कार्य-योजना बनायें। समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर जिले को पूर्ण विद्युतीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि किसानों के अस्थाई विद्युत कनेक्शन को स्थाई करने के कार्य की समय-सीमा निर्धारित की जाये। ओन योर ट्रांसफार्मर स्कीम में समूह द्वारा ट्रांसफार्मर लगाने के प्रकरणों को प्रोत्साहित किया जाये। उन्होंने कहा कि मंडल की सेवाओं को बेहतर बनाने के नवाचार क्षेत्रीय कंपनियाँ आपस में साझा करें।
श्री चौहान ने कहा कि फीडर विभक्तिकरण कार्य का समयबद्ध केलेण्डर बनाया जाये। कार्य की माहवार समीक्षा की जाये। उन्होंने कहा कि किसानों के अंशदान से संचालित योजनाओं को वित्तीय प्रबंधन में प्राथमिकता दी जानी चाहिये। कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो। इसकी सुनिश्चितता हो। उन्होंने कहा कि रियायती दर पर एल.ई.डी. बल्ब उपलब्ध करवाने की योजना में बल्बों का आवंटन प्राप्त होने पर वितरण में गरीब, अनुसूचित जाति, जनजाति परिवारों को प्राथमिकता दी जाये। ऐसे परिवारों को बल्ब का आवंटन पहले किया जाये। बल्बों के उपयोग का महत्व बताने के लिये वितरण के समय जनजागृति कार्यक्रम भी किये जायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा गरीब उपभोक्ताओं की बिल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिये युक्तियुक्तकरण का कार्य अभियान चलाकर किया जाये। विभाग गरीबों के विद्युत देयकों को युक्ति-संगत करने की व्यवहारिक योजना तैयार करे। इसमें गरीबों के विद्युत बिलों पर बकाये की समस्या का समाधान हो। उन्हें रियायती दर पर विद्युत की आपूर्ति हो। विद्युत देयकों की नियमित वसूली भी होती रहे। उन्होंने विद्युत बिलों के फार्मेट को भी संशोधित करने की जरूरत बताते हुए ऐसे फार्मेट में तैयार करवाने के लिए कहा जो सरलता से आम उपभोक्ता की समझ में आ जाये। उन्होंने कहा कि बी.पी.एल. परिवारों के देयकों में नि:शुल्क विद्युत यूनिटों का उल्लेख भी किया जाना चाहिये। उन्होंने टेरिफ स्लेब को भी सरल करने की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री ने सी.एम.हेल्प लाइन में प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्पेशल क्लोजर के प्रकरणों की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाये। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाये। उन्होंने विद्युत ट्रांसफार्मरों के रख-रखाव के लिये प्रबंधन कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने और पॉवर जनरेशन कंपनियों को मित्व्ययता बरतने की भी जरूरत बताई। उन्होंने नगरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव के परिप्रेक्ष्य में ऊर्जा विभाग द्वारा बुनियादी सुविधाओं की भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप उपलब्धता की कार्य-योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने किसानों को सिंचाई कार्य में विद्युत की मितव्ययता के उपायों से अवगत करवाने के लिये जनजागृति के प्रयासों की जरूरत पर बल दिया।
बैठक में विभाग द्वारा सूखे की स्थिति में गत वर्ष की तुलना में 62 प्रतिशत अधिक विद्युत आपूर्ति की जानकारी देने पर मुख्यमंत्री ने विद्युत की निरंतर उपलब्धता के लिये ऊर्जा विभाग की सराहना की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि उपभोक्ता को ऑनलाइन कनेक्शन उपलब्ध करवाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। प्रदेश में किसानों को 6 लाख 33 हजार स्थाई कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।