सिंहस्थ के लिये 10 करोड़ से 127 मंदिर का हो रहा है काया-कल्प

उज्जैन में 22 अप्रैल से 21 मई तक होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन शहर और उसके आसपास के 127 मंदिर का जीर्णोद्धार और

काया-कल्प किया जा रहा है। सिंहस्थ मद में 84 महादेव और अन्य 43 शासकीय मंदिर के जीर्णोद्धार के लिये 10 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। इसमें से 90 मंदिर का कार्य पूर्णता की ओर है।

इन मंदिरों में रंग-रोगन, बाउण्ड्री-वॉल, परिसर की फ्लोरिंग, गर्भगृह में मार्बल, सभा-मण्डप की छत की रिपेयरिंग और वॉटर-प्रूफिंग के कार्य प्रमुख हैं। कुछ मंदिरों में एप्रोच रोड भी तैयार की जा
रही है।

जन-अभियान परिषद के 12,000 कार्यकर्ता सेवा देंगे

उज्जैन में सिंहस्थ के दौरान लगभग 5 करोड़ श्रद्धालु के पहुँचने का अनुमान है। मेला क्षेत्र में व्यवस्था के लिये अनेक स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवा देने की इच्छा व्यक्त की है। सिंहस्थ के दौरान जन-अभियान परिषद के 12 हजार कार्यकर्ता अपनी सेवाएँ देंगे। जन-अभियान परिषद सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं के लिये आयुर्वेद मोबाइल डिस्पेंसरी की व्यवस्था भी करेगा।

इसके अलावा एनसीसी, स्काउट और एनएसएस के 5500 स्वयंसेवक सिंहस्थ में अपनी सेवाएँ देंगे। कांग्रेस सेवा-दल के 1000 स्वयंसेवक तथा सेवा-समिति के 1100 कार्यकर्ता सेवाएँ देंगे। सेवा भारती संस्था सिंहस्थ में 20 एम्बुलेंस उपलब्ध करवायेगी। रेडक्रास की ओर से 7 एम्बुलेंस मेला क्षेत्र में उपलब्ध रहेंगी। सिंहस्थ के दौरान रक्तदान के उद्देश्य से 1000 रक्तदाता को चिन्हित कर सूची तैयार कर ली गयी है।

इस बार सिंहस्थ में 20 लाख व्यक्ति के निवास के हिसाब से मेला क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है। प्रतिदिन अधिकतम एक करोड़ व्यक्ति के मान से सारी व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। कुल 5 करोड़ व्यक्ति की सिंहस्थ में व्यवस्था रहेगी।

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