अस्पतालों को बनाये उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय में चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा सभी जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में उपलब्ध मशीनें हमेशा संचालित स्थिति में होना चाहिए। यदि मशीनों की उपलब्धता के बावजूद उन्हें बंद पाया गया तो सभी जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों को उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बाय-पास सर्जरी एवं अन्य गंभीर बीमारियों, शल्य क्रियाओं के लिये विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध करने की व्यवस्था करे। इसके लिये धनराशि की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्ध अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिये जो निर्माण कार्य चल रहे हैं। उन्हें समय-सीमा में पूरे करें।
मुख्यमंत्री ने नर्सिंग कॉलेजों में पढ़ाई, प्रबंधन, प्रशिक्षण कार्यों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिये।

बैठक में बताया गया कि देश की दूसरी क्षेत्रीय स्तर की वायरोलाजी लेब भोपाल के चिकित्सा महाविद्यालय में स्थापित हो रही है। अगले तीन माह में तैयार हो जायेगी।

ग्वालियर, सागर, इंदौर, रीवा और जबलपुर चिकित्सा महाविद्यालयों में वांयरोलाजी प्रयोगशालाओं की स्थापना भारत सरकार के सहयोग से की जायेगी।

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में ग्वालियर, रीवा और जबलपुर में सुपर स्पेशलिटी ब्लाक की स्थापना की जा रही है।

जबलपुर चिकित्सा महाविद्यालय में राज्य केंसर संस्थान की स्थापना होगी। इसमें केन्द्र सरकार संस्थान  की स्थापना के कुल बजट का 75 प्रतिशत उपलब्ध करवायेगी। इसी प्रकार ग्वालियर में टर्शिअरी केंसर केयर सेंटर की स्थापना की जायेगी।

ग्वालियर में टी.बी. के मरीजों की आधुनिक तरीकों से जाँच के लिये आधुनिक प्रयोगशाला भारत सरकार के सहयोग से स्थापित की जा रही है। भारत सरकार के सहयोग से ही रीवा, ग्वालियर, जबलपुर और इन्दौर में मल्टी डिसिप्लीनरी रिसर्च यूनिट स्थापित होगी।

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