उज्जैन का सिंहस्थ महिला सशक्तिकरण के लिए भी समर्पित है। इससे पहले हुए मेलों में महिला साधु-संतों के लिए इतने पंडाल नहीं थे जितने इस सिंहस्थ में देखने को मिल रहे हैं। क्षिप्रा नदी के भैरूगढ़ पुल के समीप एक पंडाल तो सिर्फ महिलाओं के लिए ही बनाया गया है।
यहाँ महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए जाने वाले कार्यों को योगनन्दनम नारी शक्तिपीठ उज्जैन द्वारा महिलाओं को बताया जा रहा है। शक्तिपीठ प्रमुख श्रीमती सुनीता बागड़े ने बताया कि पंडाल में सिर्फ महिलाओं को ही प्रवेश दिया
जा रहा है। महिलाओं के उत्थान के सरकार के प्रबंधों की जानकारी भी योग शिविर में दी जा रही है।
शक्तिपीठ के पंडाल आश्रम में 400 से 500 महिला श्रद्धालुओं को हर रोज योग और पंडिताई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थी महिलाओं को संस्कृत भाषा की मौलिकता और धर्माचार्य मंत्रों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्था प्रमुख का कहना है कि यह प्रयास देश में महिला पंडितों की कमी को पूरा करने का है।