मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान दूरदृष्टा, कुशल प्रशासक एवं सच्चे उपासक

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान पिछले तीन-चार वर्ष से सिंहस्थ की व्यवस्थाओं में जुटे रहे। उज्जैन शहर की साज-सज्जा, सौंदर्यीकरण, सड़कों, फ्लायओवर, ओव्हर ब्रिज निर्माण, नीलगंगा, प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार जैसे अद्भुत कार्य सरकार ने करवाए।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री श्री चौहान दूरदृष्टा, कुशल प्रशासक एवं सच्चे उपासक हैं। यह बात जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री अवधेशानंद गिरिजी ने सिंहस्थ सेवादल के शिविरों के संयुक्त समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री पारसचंद्र जैन, सिंहस्थ केंद्रीय समिति के अध्यक्ष श्री माखनसिंह चौहान, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन, राज्यसभा सदस्य श्री सत्यनारायण जटिया, पूर्व सांसद श्री सत्यनारायण पंवार, विधायक डॉ. मोहन यादव, सिंहस्थ सेवादल अध्यक्ष श्री प्रकाश चित्तौड़ा भी उपस्थित थे।

स्वामी श्री अवधेशानंद गिरि ने कहा कि स्काउड गाईड की सेवाओं को सभी ने सराहा है। उन्होंने कहा कि मैंने स्काउड गाईड की गणवेश में पहली बार किसी मंत्री को देखा। सेवा एवं समर्पण का ऐसा जज्बा बहुत कम लोगों में देखने को मिलता है। श्री अवधेशानंदजी गिरिजी ने कहा कि सिंहस्थ की सफलता के लिए उज्जैनवासियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। सेवा की अदभुत मिसाल उज्जैनवासियों ने पेश की है। समर्पण, उत्साह और सेवा भावना उज्जैनी का निराला मिजाज है। उन्होंने कहा कि यहाँ से जाने का मन ही नहीं करता है।

स्वामी जी ने सिंहस्थ में उत्कृष्ट सेवाएँ देने वाले सिंहस्थ सेवा दल घटक के श्री सुभाष गौड़, डॉ मोहन यादव, श्री अरुण रोचवानी, प्रशांत पौराणिक एवं कर्नल एस.के. पुरुष्टि को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पशु प्रेमी संघ शिविर में आयोजित कार्यक्रम में सिंहस्थ सेवादल के घटक सेवा समिति स्काउट गाइड, राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। संयुक्त संचालक शिक्षा श्री अरविंद सिंह ने आभार माना।

मेला अवधि में करीब पौने तीन लाख व्यक्तियों को दी गई स्वास्थ्य सेवाएँ

सिंहस्थ महापर्व में मेला में दौरान साधु-संतों श्रद्धालुओं, नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए। मेला प्रभारी एवं संचालक स्वास्थ्य डॉ.के.एल.साहू ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान मौसमी रोगों के नियंत्रण एवं रोकथाम के विशेष प्रयास भी किये गये। प्राकृतिक आपदा एवं किसी भी आपात स्थिति में घायल एवं गंभीर संक्रमण से पीड़ित मरीजों को तुरंत समुचित इलाज दिलाने के लिए रेफरल व्यवस्था की गई। मेला शुरू होने से 21 मई तक 2 लाख 71 हजार 121 मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिया गया।

संपूर्ण मेला क्षेत्र को 06 जोन एवं 22 सेक्टर में विभाजित कर रा श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की स्वास्थ्य रक्षा एवं समुचित देखभाल की विशेष व्यवस्थाएँ की गई। मेला क्षेत्र में अस्थाई अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल, मोबाईल डिसपेंसरी सहित जिला अस्पताल में महिला एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए गए। सभी में नि:शुल्क दवाइयाँ एवं जाँच सुविधा के इंतजाम किए गए। मेला क्षेत्र में निःशुल्क रेफरल परिवहन के लिए 62 संजीवनी 108 एम्बुलेंस की तैनाती की गई। मेला क्षेत्र के अस्थाई अस्पताल के बाहय् रोगी विभाग में आने वाले 30 वर्ष से अधिक आयु के महिला एवं पुरूष मरीजों के रक्तचाप एवं मधुमेह जाँच के विशेष प्रबंध भी किये गये।

आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल, सरकारी अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। इन अस्पतालों में 1755 अतिरिक्त बिस्तर की व्यवस्था की गई।

मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए मेला में सभी संवेदनशील क्षेत्रों में लार्वा सर्वे और विनिष्टीकरण, कीटनाशक छिड़काव एवं फॉगिंग का कार्य साधु-संतों के शिविर, तम्बू, पण्डाल के अतिरिक्त पण्डाल अंतर्गत आने वाले हट एवं कमरे में भी फॉगिंग का कार्य लगातार किया गया। मौसमी रोगों जैसे उल्टी, दस्त, डायरिया, हैजा, बुखार, लू व त्वचा, आँख, श्वॉस संबंधी संक्रमण, गंभीर चोट सहित कुत्ते एवं साँप काटने की स्थिति में त्वरित रूप से समुचित उपचार देकर स्वास्थ्य लाभ की व्यवस्था की गई।

मेला अवधि में संपूर्ण मेला क्षेत्र में साधु-संतों, श्रद्धालुओं, आम नागरिकों को 24×7 स्वास्थ्य अमले ने सेवा भाव के साथ स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की। बाहरी जिलों से 2853 अधिकारियों-कर्मचारियों जिसमें डी.एच.ओ., एम.ई.आई.ओ, चिकित्सक, पेरामेडिकल स्टॉफ के अलावा एलडीसी, डीईओ ने अपनी सेवाएँ दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *