कोयला नियंत्रक की शक्तियाँ संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म को

खनिज साधन विभाग ने कोयला मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोलियरी नियंत्रण नियम, 2004 के अधीन कोयला नियंत्रक की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म को अधिकृत किया है।

कोयला नियंत्रक की शक्तियों के अन्तर्गत संचालक द्वारा कोयले का वर्गीकरण, कोयला श्रेणी की घोषणा, गुणवत्ता की जाँच, खदान, वेगन, ट्रॉली आदि का निरीक्षण, खान स्वामी तथा उपभोक्ता के मध्य श्रेणी के संबंध में उत्पन्न विवाद का निराकरण, नियम 2004 के उल्लंघन पर अभियोजन एंव विधिक कार्यवाही करना शामिल है।

केन्द्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की खानों अथवा ब्लाकों को छोड़कर सभी कोयला खानों के संबंध में यह निर्देश लागू होंगे। भारत सरकार द्वारा नीलामी के माध्यम से वर्तमान में प्रदेश में अमेलिया नार्थ जिला सिंगरौली, बिचारपुर जिला शहडोल तथा छिन्दवाड़ा जिले के मण्डला नार्थ, मण्डला साउथ तथा सियाल घोघरी कोल ब्लाक आंवटित किये गये हैं। इनके संबंध में संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म द्वारा कोयला नियंत्रक की शक्तियों का प्रयोग किया जा सकेगा

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