प्रदेश के निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के बाद सीट छोड़ने पर अब छात्र को 10 लाख रुपए सरकार को देना होगा। प्रवेश के बाद सीटें खाली न रहें इसलिए सीट लीविंग बांड 5 से 10 लाख रुपए किया जा रहा है। मेडिकल पीजी के प्रवेश नियमों में इसका प्रावधान किया जा रहा है। गजट नोटिफिकेशन के बाद यह नियम लागू कर दिया जाएगा।
पिछले साल से निजी कॉलेजों की पीजी सीटों में दाखिले राज्य सरकार कर रही है। निजी मेडिकल कॉलेजों का कहना है कि सरकार ने एडमिशन दे दिया। इसके बाद छात्र सीट छोड़कर चला जाता है तो उनकी पांच साल की फीस का नुकसान होगा।
इसके बाद पिछले साल राज्य सरकार ने प्रवेश नियम में ऐसी व्यवस्था की सीट छोड़कर जाने वाले छात्र को पूरी फीस देना होगी। लेकिन, सरकारी कॉलेजों के लिए ऐसा नियम नहीं है। सीट छोड़ने पर उन्हें पांच लाख रुपए देने का नियम है। प्रवेश के दौरान उन्हें इतनी राशि का सीट लीविंग बॉड भरना होता है। पीजी डॉक्टरों की पहले से कमी है ऐसे में सीटें खाली न रह जाएं, इसलिए यह राशि बढ़ाई जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि पीजी में दाखिले के लिए काउंसलिंग मार्च के आखिरी हफ्ते या फिर अप्रैल में होगी। पहले ऑल इंडिया कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग शुरू होगी। इसके बाद राज्य काउंसलिंग करेंगे। साथ ही इस बार हर चरण की काउंसलिंग ऑनलाइन करने का प्रस्ताव है। काउंसलिंग में विवाद से बचने राज्य सरकार ने यह प्रावधान किया है।