प्रधानमंत्री का हाउसिंग फॉर ऑल का सपना मध्यप्रदेश में पूरा होता नहीं दिख रहा है। कहीं और तो छोड़िए राज्य सरकार राजधानी में अपनी नाक के नीचे विधानसभा और मंत्रालय के सामने की झुग्गियों का ही सर्वे नहीं करवा पा रही है। राजधानी सहित प्रदेश भर में झुग्गियों का सर्वे कर पक्के मकान देने की लिए डीपीआर तैयार की जा रही है इसमें जनप्रतिनिधी ही आड़े आ रहे हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर भी शामिल हैं।निगम अफसरों का कहना है कि राजनीतिक दबाव के कारण वह मजबूर हैं।
राजधानी के सबसे संवेदनशील इलाके अरेरा हिल्स में मंत्रालय और विधानसभा के सामने की झुग्गियों के अलावा श्यामला हिल्स और बाणगंगा में भी कुछ झुग्गियों का सर्वे अटका हुआ है। दरअसल पार्षद से लेकर विधायक और मंत्री तक नहीं चाहते कि गरीबों को झुग्गी की जगह प-े मकान मिलें। इसके पीछे वोट बैंक का गणित भी है क्योंकि यदि झुग्गियां हटाकर दूसरे क्षेत्र में मकान बना दिए गए तो उनका वोट बैंक कम हो जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक बाबूलाल गौर ने बकायदा पत्र लिखकर नगर निगम को सर्वे न करने के हिदायत दी है। वार्ड 67 की सतनामी नगर झुग्गी और वार्ड 68 स्थित शांति नगर बस्ती में सर्वे रोकने के निर्देश दिए गए। निगम सूत्रों के अनुसार राजनीतिक दखल के कारण सर्वे का काम रोक दिया गया।
– मंत्रालय के सामने बने भीमनगर का सर्वे ही नहीं हो पाया। यह क्षेत्र राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता हैं। सर्वे न करने को लेकर बीजेपी के नेताओं का दबाव है।
– माता मंदिर से लगे हर्षवर्धन नगर फेज टू में सर्वे का काम चल रहा था,लेकिन बीजेपी नेता राधेश्याम प्रजापति ने यह कहकर सर्वे स्र्कवा दिया कि सक्षम अधिकारी लिखित में दें कि मकान यहीं बनाकर देंगे।
– श्यामला हिल्स बाणगंगा इलाके में कांग्रेसी पार्षद शबिस्ता सुल्तान ने सर्वे करने गई टीम को वापस कर दिया था। फिर यहां सर्वे ही नहीं हो पाया।
यह सही है कि कुछ हमारे और अन्य पार्टियों के जनप्रतिनिधि सर्वे का विरोध कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का सपना है कि गरीबों के जीवन स्तर में सुधार हो। इसलिए हाउसिंग फॉर ऑल योजना शुरू की गई। जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर समस्या का निराकरण कराएंगे।
लोगों ने आपत्ति की इसलिए लिखा पत्र
लोग नहीं चाहते थे कि उन्हें वहां से हटाया जाए। इसलिए उन्होंने आपत्ति की थी,इसके बाद हमने पत्र लिखा था। हमने अपनी तरफ से लोगों को समझाया भी है कि वे विरोध न करें ताकि उन्हें पक्के आवास मिल सकें।
बाबूलाल गौर, पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक गोविंदपुरा
सरकार की योजना का यदि कोई विरोध कर रहा है तो इस बारे में जनप्रतिनिधियों से बात की जाएगी और निश्चित ही हल निकाला जाएगा। सरकार का मकसद है जनता को योजनाओं का लाभ मिले।