सीरिया में दमिश्क के पूर्वी इलाके में सेना ने सोमवार को भीषण बमबारी की।

सीरिया में शांति की कोशिशों को जोरदार झटका लगा है। राजधानी दमिश्क के पूर्वी इलाके में सेना ने सोमवार को भीषण बमबारी की। इससे एक दिन पहले विद्रोहियों ने इस इलाके में अचानक हमले कर कई महत्वपूर्ण जगहों पर कब्जा कर लिया था। निगरानी संगठन सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार इनमें से ज्यादातर जगहों पर फिर से सेना का नियंत्रण हो गया है।
हमले में 26 सैनिक और 21 विद्रोहियों के मारे जाने की पुष्टि संगठन ने की है। इसके अलावा इदलिब सहित कई अन्य जगहों पर भी विद्रोहियों के प्रभाव वाले इलाकों में सेना ने हवाई हमले किए हैं। बीते साल अलेप्पो पर सेना का नियंत्रण होने के बाद रूस और तुर्की की पहल पर शांति के प्रयास शुरू किए गए थे। इसके बाद से यह अब तक का सबसे भीषण संघर्ष है।
सीरियाई टीवी के अनुसार विद्रोहियों ने रविवार को अल-कायदा से जुड़े फतेह अल शाम के साथ मिलकर पूर्वी दमिश्क के जोबार और कबोन में सैन्य ठिकानों पर अचानक धावा बोल दिया।
मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि विद्रोही लड़ाके सुरंग के रास्ते शहर में दाखिल हुए थे। कार बम धमाके और रॉकेट हमलों से विद्रोहियों ने कई जगहों पर कब्जा कर लिया। सेना ने जवाब में भयंकर बमबारी कर विद्रोहियों को पीछे खदेड़ दिया।
सातवें साल में प्रवेश कर चुके सीरियाई गृहयुद्ध में करीब साढ़े तीन लाख लोग जान गंवा चुके हैं। बीते दो साल से जिन इलाकों में भीषण लड़ाई चल रही है उनमें जोबार भी है। इसके एक ओर सेना तो दूसरी ओर विद्रोहियों का नियंत्रण है। सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के समर्थक रूस के दमिश्क स्थित दूतावास की इमारत को भी इस लड़ाई में नुकसान पहुंचा है।
रूस ने मॉस्को में तैनात इजरायली राजदूत को तलब कर सीरियाई में हवाई हमलों को लेकर विरोध भी जताया है। बीते शुक्रवार को इजरायल ने हिजबुल्लाह के लिए हथियार लेकर जा रहे काफिले को निशाना बनाया था। हिजबुल्लाह भी असद का समर्थक है।

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