न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रु़प में भारत को सदस्यता मिलने की उम्मीद बढती नजर आ रही है। एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध कर रहे कुछ देश अब भारत के समर्थन में आ सकते हैं। जर्मनी एनएसजी में भारत की सदस्यता का समर्थन कर सकता है। एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी के एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने बताया कि एनएसजी परामर्श समूह की बैठक जारी है और यहां भारत की सदस्यता के बारे में चर्चा की जा रही है। इस बैठक में जर्मनी ने भारत को अपना समर्थन दिया है।
साथ ही जर्मनी पहली बार भारतीय प्रायद्वीप में अपनी विदेश नीति को अहम तरीके से संचालित कर रहा है। जर्मनी मोदी सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं अक्षय ऊर्जा, स्मार्ट सिटी, कनेक्टिविटी, गंगा सफाई अभियान, डुअल एजुकेशन और रेलवे इत्यादि पर ध्यान लगाना चाहता है। जर्मन राजनयिक ने बताया कि भारत वैश्विक स्तर पर हमारा अहम रणनीतिक साझीदार है।
जर्मनी और भारत का मानना है कि दोनों देशों के बीच करीबी रिश्ते वक्त की जरूरत हैं। पीएम नरेंद्र मोदी इस साल 2 बार जर्मनी की यात्रा पर जाएंगे। पहले वह मई में और फिर जुलाई में जी-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए जर्मनी जाएंगे।