राजधानी में पासपोर्ट के लिए छट रही भीड़

राजधानी में पासपोर्ट बनवाने के लिए जारी होने वाले अपाइंटमेंट अब खाली छूटने लगे हैं। आवेदकों की संख्या एकाएक घट गई है। पासपोर्ट कार्यालय अभी हर दिन 650 लोगों के लिए अपाइंटमेंट जारी करता है लेकिन आवेदन 450 ही आ रहे हैं। टाइम स्लॉट भर नहीं पा रहे।
भोपाल में पासपोर्ट के लिए अब आवेदकों की वेटिंग लिस्ट खत्म ही हो गई। पासपोर्ट दफ्तर में लगने वाली भीड़ दिखाई नहीं देती। अपाइंटमेंट पाने के लिए पहले जहां तीन-चार सप्ताह की वेटिंग रहती थी अब स्थिति यह है कि दूसरे दिन का ही अपाइंटमेंट मिल रहा है।
प्रदेश में 38 साल बाद पहली बार यह स्थिति बनी है। भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सतना एवं विदिशा में पासपोर्ट के आवेदन जमा होने की सुविधा शुरू होने से यह बदलाव दिख रहा है।
पासपोर्ट कार्यालय में अब तत्काल श्रेणी के आवेदन आना भी एकदम कम हो गए। इसमें भी टाइम स्लॉट खाली रहने लगे हैं। विभाग द्वारा इसके लिए हर दिन 40 अपाइंटमेंट जारी किए जा रहे हैं लेकिन मात्र 5 लोग ही इस श्रेणी में आवेदन जमा करा रहे हैं। इसकी फीस में भी अंतर है, सामान्य श्रेणी के लिए 1500 एवं तत्काल में 3500 रुपए फीस है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मनोज कुमार राय का कहना है कि चार जिलों में पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र खुलने से भोपाल का दबाव कम हो गया। विदेश जाने के इच्छुक लोगों में इंदौर एवं मालवा अंचल के लोग ज्यादा रहते हैं। इनके आवेदन अब इंदौर कार्यालय में जमा होने लगे हैं।
इंदौर के लिए विदेश मंत्रालय ने अपाइंटमेंट 100 से बढ़ाकर 200 कर दिए हैं। इसके बावजूद वहां एक महीने की वेटिंग चल रही है। जबलपुर, सतना एवं ग्वालियर के लिए 40-40 एवं विदिशा डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र के लिए हर दिन 20 अपाइंटमेंट जारी किए जा रहे हैं।

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