बंद हो चुके मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम को सेवारत, सेवानिवृत्त, वीआरएस लेने वाले सभी 19 हजार कर्मचारियों को जून 2017 तक चौथे वेतनमान के महंगाई भत्ते (डीए) का एरियर बांटना है, लेकिन अब तक उसे राज्य शासन से एक रुपया नहीं मिला है।
डीए के रूप में कर्मचारियों को न्यूनतम करीब तीन लाख और अधिकतम करीब 26 लाख रुपए तक का भुगतान होना है। इसके लिए निगम को कुल 228 करोड़ रुपए की जरूरत है। हालांकि अभी निगम के पास 34 करोड़ रुपए हैं, लेकिन उससे 500 कर्मचारियों को ही डीए का भुगतान हो पाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2016 में आदेश दिया था कि सभी 19 हजार कर्मचारियों को एक महीने के भीतर चौथे वेतनमान के महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान किया जाए। इसके लिए निगम को सभी कर्मचारियों को प्रचार माध्यमों का सहारा लेकर सूचना पहुंचाने के आदेश दिए गए, लेकिन निगम ने चार महीने का समय और मांगा। अब निगम के पास जून 2017 तक डीए के भुगतान की समयसीमा है।
चार महीने बीत जाने के बाद भी निगम सभी 19 हजार कर्मचारियों को सूचना नहीं भेज सका है। सूत्र बताते हैं कि अभी तक निगम के केवल 14 हजार कर्मचारी ही अपने हक की राशि मांगने के लिए सामने आए हैं।
भुगतान शुरू किया पर पैसा ही नहीं
सूत्रों का कहना है कि महंगाई भत्ते के लिए राज्य शासन ने अभी तक कोई राशि निगम को उपलब्ध नहीं कराई है। निगम के पास पहले से 16 करोड़ रुपए थे, जो ब्याज के साथ 34 करोड़ रुपए हो चुके हैं। उसमें से ही निगम ने कर्मचारियों को डीए के एरियर का भुगतान शुरू कर दिया है। अभी तक निगम 199 कर्मचारियों का एरियर करीब 13 करोड़ रुपए का भुगतान कोषालय में भेज चुका है, इनमें से ज्यादातर सेवारत हैं।
सेवानिवृत्त कर्मचारी बमुश्किल एक दर्जन ही हैं। इसी तरह दूसरी किस्त में करीब 226 कर्मचारियों को करीब सवा 13 करोड़ रुपए का एरियर दिया जा रहा है, जिनमें लगभग तीन दर्जन सेवानिवृत्त हैं और शेष सभी सेवारत कर्मचारी हैं। ये भुगतान होने के बाद निगम के पास बमुश्किल 75 कर्मचारियों को भुगतान की राशि ही बचेगी।
कोशिश कर रहे हैं
अभी महंगाई भत्ते के बकाया का भुगतान के लिए राशि निगम को नहीं मिली है। अदालत द्वारा दी गई समयसीमा में सभी कर्मचारियों को बकाया डीए का भुगतान करने की कोशिश की जा रही है।