DICCIMADHYA PRADESH प्रधानमंत्री श्री मोदी ने “मन की बात” में की झाबुआ के सफाई कर्मियों की सराहना adminAugust 26, 20240 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सुनी मन की बात, प्रधानमंत्री का जताया आभार प्रधानमंत्री ने झाबुआ के सफाई कर्मियों…
DICCIMADHYA PRADESH भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश हर युग में प्रासंगिक और प्रेरणादायी adminAugust 26, 20240 भगवान श्रीकृष्ण का जीवन दर्शन धर्म, जाति, व्यक्ति एवं लिंग से बहुत ऊपर है। लोक मान्यता है कि गुणातीत देवकीनंदन…
DICCIMADHYA PRADESH भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म के मार्ग पर चलने का दिया संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव adminAugust 26, 2024August 26, 20240 रामपथ गमन स्थल के साथ श्री कृष्ण पाथेय भी विकसित किए जाएंगे प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन की होगी…
DICCIMADHYA PRADESH एक लाख 63 हजार 500 स्वसहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए 3584 करोड़ का ऋण adminAugust 24, 20240 पिछले पांच सालों में बैंक ऋण देने में 12 गुना बढ़ोतरी प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्मनिर्भर गांव का सपना पूरा…
DICCIMADHYA PRADESH खुले बोरवेल में दुर्घटना होने पर होगी एफ.आई.आर. adminAugust 24, 20240 बचाव कार्य की राशि भी ड्रिलिंग एजेंसी एवं भूमि स्वामी से वसूली जाएगी रोकथाम एवं सुरक्षा अधिनियम, 2024 क्रियाशील खुले…
DICCIMADHYA PRADESH आनंद विभाग, अन्य विभागों से समन्वय कर गतिविधियों का संचालन करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव adminAugust 24, 20240 प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थान में किया जाएगा हैप्पीनेस के पैमाने का अध्ययन, मूल्यांकन और शोध मंत्रालय में आनंद विभाग…
DICCIMADHYA PRADESH ग्वालियर रीजन में सूचना प्रौदयोगिकी जनित सेवाओं का होगा विस्तार adminAugust 24, 20240 तीसरी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव ग्वालियर में 28 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी सेक्टर पर करेंगे फोकस ग्वालियर रीजन में…
DICCIMADHYA PRADESH व्यवसाय संवर्द्धन हेतु नवाचार के माध्यम से प्रयास करें : अपर मुख्य सचिव श्री वर्णवाल adminAugust 24, 20240 अपेक्स बैंक की 60वीं वार्षिक साधारण सभा सम्पन्न अपेक्स बैंक के सुभाष यादव समन्वय भवन के सभागार में बैंक की…
DICCIMADHYA PRADESH ग्वालियर की रीजनल कॉन्क्लेव बनेगी लघु उद्योगों के विकास का माध्यम adminAugust 23, 20240 वर्ष 2025 होगा उद्योग वर्ष, बन रहा औद्योगिक विकास का माहौल मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप…
DICCIMADHYA PRADESH सूचना प्रौद्योगिकी के कारण बदलते परिवेश में पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण, स्वचालन और डिजिटलीकरण जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का वर्चुअली किया शुभारंभ “बदलते शैक्षणिक एवं सामाजिक परिवेश में लाइब्रेरी की भूमिका और चुनौतियां” विषय पर हुई कॉन्फ्रेंस भोपाल : गुरूवार, अगस्त 22, 2024, 16:32 IST मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण, स्वचालन, नेटवर्किंग, डिजिटलीकरण, ग्रीन लाइब्रेरी और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में पुस्तकालय के महत्व जैसे विषयों पर चिंतन और विचार विमर्श जरूरी है। इससे पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण और समसामयिक शिक्षा प्रणाली में उनकी उपयोगिता बनाए रखने का मार्ग प्रशस्त होगा। सूचना प्रौद्योगिकी के कारण बदलते परिवेश में पुस्तकालय समाज में ज्ञान के स्रोत की भूमिका निरंतर निभाते रहें, इसके लिए जरूरी है कि हम सभी पुस्तकालयों को समाज का अभिन्न हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा “बदलते शैक्षणिक एवं सामाजिक परिवेश में लाइब्रेरी की भूमिका और चुनौतियां” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस के शुभारंभ सत्र को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बैंक धन का और पुस्तकालय ज्ञान का संरक्षण और प्रसार करते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तकालय मानव इतिहास की बड़ी संपदा है। पुस्तकालय ज्ञान का संरक्षण, संवर्धन और प्रसार ठीक उसी तरह से करते हैं, जैसे बैंक समाज और राष्ट्र की धन संपदा के संरक्षण और संवर्धन की भूमिका निभाते हैं। भारतीय इतिहास में पुस्तकालयों का विशेष महत्व रहा है। नालंदा, विक्रमशिला, तक्षशिला के पुस्तकालय विद्या के केन्द्र और ज्ञान के भंडार थे, दुर्भाग्यवश यह महान केन्द्र विदेशी आक्रांताओं के निशाना बनें। उज्जैन धर्म, आध्यात्म एवं ज्ञान-विज्ञान का संगम रहा है। बाबा महाकाल, काल गणना के केन्द्र बिन्दु में विराजित हैं और उज्जैन का सांदीपनी आश्रम भगवान श्रीकृष्ण और बलराम का गुरूकुल रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार से शोध अनुसंधान और अध्ययन की गतिविधियां जारी हैं, निश्चित ही उज्जैन भविष्य का ग्रीनविच बनकर भारत का गौरव बढ़ाता रहेगा। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन पुस्तकालय विज्ञान में प्रशिक्षण देने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर स्थापित उज्जैन का विक्रम विश्वविद्यालय पुस्तकालय विज्ञान में प्रशिक्षण देने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय था। उज्जैन का सिंधिया ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट अपने विशाल और दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संग्रह के लिए जाना जाता है। भारत में पुस्तकालय विज्ञान के पितामाह पद्मश्री डॉ. रंगनाथन इस विश्वविद्यालय के पहले विजिटिंग प्रोफेसर रह चुके हैं। मध्यप्रदेश में पुस्तकालय विज्ञान का शिक्षा आरंभ करने का श्रेय डॉ. रंगनाथन को ही जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संगोष्ठी में भाग ले रहे सभी विषय-विशेषज्ञों, छात्रों आदि को संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। adminAugust 23, 20240 पीएम जनमन के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पूरे देश में अव्वल विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल जिलों के पाँच-पाँच गाँव आदर्श ग्राम…