प्रधानमंत्री श्री मोदी ने “मन की बात” में की झाबुआ के सफाई कर्मियों की सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सुनी मन की बात, प्रधानमंत्री का जताया आभार प्रधानमंत्री ने झाबुआ के सफाई कर्मियों…

भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म के मार्ग पर चलने का दिया संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रामपथ गमन स्थल के साथ श्री कृष्ण पाथेय भी विकसित किए जाएंगे प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन की होगी…

एक लाख 63 हजार 500 स्वसहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए 3584 करोड़ का ऋण

पिछले पांच सालों में बैंक ऋण देने में 12 गुना बढ़ोतरी प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्मनिर्भर गांव का सपना पूरा…

आनंद विभाग, अन्य विभागों से समन्वय कर गतिविधियों का संचालन करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थान में किया जाएगा हैप्पीनेस के पैमाने का अध्ययन, मूल्यांकन और शोध मंत्रालय में आनंद विभाग…

ग्वालियर रीजन में सूचना प्रौदयोगिकी जनित सेवाओं का होगा विस्तार

तीसरी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव ग्वालियर में 28 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी सेक्टर पर करेंगे फोकस ग्वालियर रीजन में…

व्यवसाय संवर्द्धन हेतु नवाचार के माध्यम से प्रयास करें : अपर मुख्य सचिव श्री वर्णवाल

अपेक्स बैंक की 60वीं वार्षिक साधारण सभा सम्पन्न अपेक्स बैंक के सुभाष यादव समन्वय भवन के सभागार में बैंक की…

सूचना प्रौद्योगिकी के कारण बदलते परिवेश में पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण, स्वचालन और डिजिटलीकरण जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का वर्चुअली किया शुभारंभ “बदलते शैक्षणिक एवं सामाजिक परिवेश में लाइब्रेरी की भूमिका और चुनौतियां” विषय पर हुई कॉन्फ्रेंस भोपाल : गुरूवार, अगस्त 22, 2024, 16:32 IST मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण, स्वचालन, नेटवर्किंग, डिजिटलीकरण, ग्रीन लाइब्रेरी और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में पुस्तकालय के महत्व जैसे विषयों पर चिंतन और विचार विमर्श जरूरी है। इससे पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण और समसामयिक शिक्षा प्रणाली में उनकी उपयोगिता बनाए रखने का मार्ग प्रशस्त होगा। सूचना प्रौद्योगिकी के कारण बदलते परिवेश में पुस्तकालय समाज में ज्ञान के स्रोत की भूमिका निरंतर निभाते रहें, इसके लिए जरूरी है कि हम सभी पुस्तकालयों को समाज का अभिन्न हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा “बदलते शैक्षणिक एवं सामाजिक परिवेश में लाइब्रेरी की भूमिका और चुनौतियां” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस के शुभारंभ सत्र को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बैंक धन का और पुस्तकालय ज्ञान का संरक्षण और प्रसार करते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तकालय मानव इतिहास की बड़ी संपदा है। पुस्तकालय ज्ञान का संरक्षण, संवर्धन और प्रसार ठीक उसी तरह से करते हैं, जैसे बैंक समाज और राष्ट्र की धन संपदा के संरक्षण और संवर्धन की भूमिका निभाते हैं। भारतीय इतिहास में पुस्तकालयों का विशेष महत्व रहा है। नालंदा, विक्रमशिला, तक्षशिला के पुस्तकालय विद्या के केन्द्र और ज्ञान के भंडार थे, दुर्भाग्यवश यह महान केन्द्र विदेशी आक्रांताओं के निशाना बनें। उज्जैन धर्म, आध्यात्म एवं ज्ञान-विज्ञान का संगम रहा है। बाबा महाकाल, काल गणना के केन्द्र बिन्दु में विराजित हैं और उज्जैन का सांदीपनी आश्रम भगवान श्रीकृष्ण और बलराम का गुरूकुल रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार से शोध अनुसंधान और अध्ययन की गतिविधियां जारी हैं, निश्चित ही उज्जैन भविष्य का ग्रीनविच बनकर भारत का गौरव बढ़ाता रहेगा। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन पुस्तकालय विज्ञान में प्रशिक्षण देने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर स्थापित उज्जैन का विक्रम विश्वविद्यालय पुस्तकालय विज्ञान में प्रशिक्षण देने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय था। उज्जैन का सिंधिया ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट अपने विशाल और दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संग्रह के लिए जाना जाता है। भारत में पुस्तकालय विज्ञान के पितामाह पद्मश्री डॉ. रंगनाथन इस विश्वविद्यालय के पहले विजिटिंग प्रोफेसर रह चुके हैं। मध्यप्रदेश में पुस्तकालय विज्ञान का शिक्षा आरंभ करने का श्रेय डॉ. रंगनाथन को ही जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संगोष्ठी में भाग ले रहे सभी विषय-विशेषज्ञों, छात्रों आदि को संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

पीएम जनमन के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पूरे देश में अव्वल विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल जिलों के पाँच-पाँच गाँव आदर्श ग्राम…