प्रदेश के तीन शहरों के शासकीय भवनों पर ग्रिड संयोजित करने 5 मेगावॉट सोलर फोटोवोल्टिक पायलेट प्रोजेक्ट की स्थापना की जाएगी। प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन पर निवेशकों से चर्चा के लिए भोपाल में 17 जून 2014 को निवेशक सेमीनार किया जा रहा है। इस सेमीनार में वे निवेशक भाग लेंगे, जो प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में भविष्य में भागीदारी निभाएंगे। यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्रायवेट-पार्टनरशिप आधार पर प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रणाली में क्रियान्वित किया जायेगा।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल तथा भारत सरकार के नवीन तथा नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से और जर्मन डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन, परियोजना सलाहकार के संयुक्त तत्वावधान में भोपाल, इन्दौर और जबलपुर में शासकीय भवनों की छतों पर ग्रिड संयोजित लघु सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।उल्लेखनीय है कि कंपनी को इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। साथ ही 5 मेगावॉट के पायलेट प्रोजेक्ट्स के लिये 15 करोड़ की केन्द्रीय वित्तीय सहायता स्वीकृत की है।निवेशक सम्मेलन में भारत सरकार, राज्य सरकार, मध्य प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियाँ और प्रोजेक्ट सलाहकारों की उपस्थिति में परियोजना से संबंधित विभिन्न विषय पर चर्चा की जायेगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कंपनी के वाणिज्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जा सकती है।