नामांकन, सीमांकन एवं बटवारा प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि के भीतर करें। निराकरण के लिए पटवारी के साथ नायब तहसीलदार, तहसीलदार व एसडीएम भी गाँव-गाँव पहुँचें। गाँव में आम आदमी के द्वार पर बैठकर किसानों की राजस्व संबंधी समस्याओं का समाधान करें। यह निर्देश राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने ग्वालियर में हुई संभागीय समीक्षा बैठक में दिये। मंत्री श्री वर्मा ने राजस्व महाअभियान एवं राजस्व विभाग की गतिविधियों की समीक्षा भी की। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि यदि रजिस्ट्री होने के 30 दिन के भीतर किसी तहसीलदार–नायब तहसीलदार ने नामांतरण नहीं किया तो वह अपने आप को निलंबित समझे।