पाठ्यक्रम जनजातीयों के विकास का विजन डॉक्यूमेंट बने
राज्यपाल जनजातीय शोध एवं अध्ययन पाठ्यक्रम कार्यशाला में शामिल हुए
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी को जनजाति समुदाय से अपनी मातृभूमि के लिए प्रेम और बलिदान की भावना से प्रेरणा लेनी चाहिए। जननायकों के बलिदान को अपने हृदय में संजोकर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीयों के अध्ययन एवं शोध के लिए शोधार्थियों में जनजातीय समुदाय से जुड़ने, गहराई से समझने की अनुभूति और संवेदनशीलता का होना जरुरी है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ जनजातियों की जीवन शैली में होने वाले परिवर्तनों की पहचान करनी चाहिए। उसी के अनुरुप शोध और अध्ययन की प्रणाली को विकसित करे, तभी अध्ययन को प्रासंगिक, प्रमाणिक और प्रभावशाली बनाया जा सकता है। राज्यपाल श्री पटेल जनजाति शोध एवं अनुशीलन केंद्र दिल्ली के तत्वावधान में राजीव गांधी प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित जनजाति शोध एवं अध्ययन पाठ्यक्रम कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।