किसानों को जलवायु परिवर्तन, अलनीनो के फसलों पर होने वाले हानिकारक प्रभाव के प्रति जागरूक बनाने और इससे बचने के लिये खेती करने के तरीकों में बदलाव करने के संबंध में हर विकासखण्ड में प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन शिविर आयोजित किये जायेंगे।
यह निर्णय आज यहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कृषि केबिनेट की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम में होने वाले परिवर्तनों और इससे होने वाले फसल नुकसान पर किसानों का नियंत्रण नहीं है लेकिन इससे बचने के लिये उन्हें लगातार जागरूक बनाने की आवश्यकता है।
कृषि केबिनेट में खरीफ 2014 की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश को मिली उपलब्धियों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर सर्वाधिक 24.99 प्रतिशत हासिल करने पर सभी संबंधित विभागों और किसानों के सहयोग की सराहना करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मौसम की बेरूखी के बावजूद समन्वित प्रयासों से ऐतिहासिक कृषि विकास दर प्राप्त करना मध्यप्रदेश के लिये चमत्कार है। इसमें कृषि क्षेत्र के विकास के लिये सरकार के निर्णय, विभागीय समन्वय और नीतिगत पहल का मिला-जुला योगदान है।