भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी मौसमी दृष्टिकोण के अनुसार प्रदेश सहित समस्त मध्य भारत में ग्रीष्मकालीन में तापमान औसत तापमान से अधिक होने की संभावना है। इसके कारण प्रदेश केअधिकांश भागों में लू (तापघात) की स्थिति निर्मित हो सकती है।
लू (तापघात) के प्रभाव, लक्षण एवं प्राथमिक उपचार निम्नानुसार है
सूर्य दाह के प्रभाव से त्वचा पर लाल चकता, सूजन, फफोले, बुखार, सिर दर्द आदि होता है तो इसके लिए प्राथमिक उपचार के लिए प्रभावित को बार-बार नहलाएं, यदि फफोले निकल आए हों तो स्टरलाइज या ड्रेसिंग करें, चिकित्सा का परामर्श लें। ताप के कारण शारीरिक ऐंठन के प्रभाव से पैरों, पेट की मांसपेशियों अथवा शरीर के बाहरी भागों में तकलीफ देह ऐंठन अत्यधिक पसीना आने पर प्राथमिक उपचार के तौर पर प्रभावित को छायादार स्थल पर तत्काल ले जाएं, ऐंठन वाले शरीर के भाग को जोर से दबाएं तथा धीरे-धीरे सहलाएं, प्रभावित को शीतल जल छाछ अथवा पना पिलाएं यदि उबकाई आ रही हो तो शीतल पेय पिलाना बंद कर दें तथा तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर ले जाएं।