विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों की शिक्षा देना जरूरी है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात व्यक्तित्व विकास पर प्रशासनिक अकादमी में हुई कार्यशाला में कही।
कार्यशाला व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ द्वारा करवायी गयी। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को सप्ताह या माह में एक दिन भारतीय संस्कृति और परम्परा के बारे में जरूर बताया जाये। इसके लिये शिक्षाविदों के व्याख्यान करवायें जायें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी आधुनिक तकनीकों और पद्धतियों के बारे में जानने के साथ ही परम्परागत मूल्यों को भी अपनायें। व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास तभी होगा। श्री गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये ही प्रदेश में पहली बार महाविद्यालयों में व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ गठित किये गये हैं। प्रथम चरण में संभाग-स्तर पर महाविद्यालयों में प्रकोष्ठ गठित किये गये हैं। कार्यशाला में प्रकोष्ठ के अधिकारी एवं शिक्षाविदों ने भी विचार व्यक्त किये।