इराक में पवित्र शिया शहर कर्बला में इराकी सुरक्षाबलों और शेख समर्थकों के बीच हुई झड़पों में ४५ लोग मारे गए हैं। ये झड़पे उस समय हुई जब इराकी सेना ने महमूद-अल-हस्नी-सारखी के मुख्यालय पर हमले की कोशिश की।
इस मुख्यालय की कल देर रात घेराबंदी कर दी गई थी। कर्बला में शेख समर्थकों द्वारा सड़कें जाम किए जाने और जांच चौकियों के घेराव के बाद सुरक्षा सैनिक सारखी को गिरफ्तार करने गए थे। ईरान ने आई.एस.आई.एस. उग्रवादियों के खिलाफ लड़ाई में शामिल अपने सैनिकों की मदद के लिए अतिरिक्त सुखोई एस. यू.-२५ लड़ाकू जेट विमान इराक भेजे हैं। ये विमान इराक में सुन्नी उग्रवादियों के खिलाफ हवाई हमले के लिए जल्द शामिल हो जाएंगे। इसी तरह के पांच लड़ाकू विमान कुछ दिन पहले रूस ने भी भेजे हैं। अमरीका ने इराक में मानव रहित विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। इस बीच, विदेश मंत्रालय द्वारा सहायता मुहैया कराये जाने के बाद लगभग छह सौ भारतीयों ने हिंसाग्रस्त इराक छोड़ दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि इसके बाद और ९०० भारतीय स्वदेश लौटने वाले हैं। उन्होंने बताया कि बगदाद में भारतीय दूतावास, तिकरित में फंसी ४६ भारतीय नर्सों के संपर्क में है, वे सुरक्षित हैं। प्रवक्ता ने बताया कि इराक से भारतीय नागरिकों को निकालने के प्रयासों में अब तेज+ी आ गई है और लगभग ५३० भारतीयों को यात्रा टिकट उपलब्ध कराये गये हैं। इसके अलावा अन्य ८५० के दस्तावेज+ पूरे करने की प्रक्रिया जारी है।