कर्मचारियों को मनाने ‘दूसरा तरीका’ अपनाएगी सरकार

प्रदेश के कर्मचारियों की कई अहम और जरूरी मांगों को मानने में हिचकिचा रही सरकार ने इसके विकल्प में तौर पर दूसरा तरीका खोजा है। चुनावी साल में कर्मचारियों की नाराजगी को लेकर बेहद सतर्क राज्य सरकार अब जिला स्तर पर कर्मचारियों की समस्याएं सुनेगी। राजस्थान सरकार के इस फार्मूले के जरिए शिवराज सरकार किसी भी तरह से कर्मचारियों की नाराजगी को दूर करने की कोशिश में है। इसके लिए जिला स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाने की रणनीति तैयार की जा रही है।सूत्रों के अनुसार जल्द ही इस संबंध में जिला कलेक्टरों को आदेश जारी करने की तैयारी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में नियमित साढ़े चार लाख कर्मचारियों के अलावा विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों की लगातार बढ़ती मांगें सरकार के लिए सिरदर्द साबित हो रही हैं। चुनावी साल में सरकार कर्मचारियों की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती। बीते महीनों में कर्मचारियों के कई बड़े आंदोलनों के दौरान भी सरकार ने बजाए किसी सख्ती से बेहद सौहार्द्रपूर्ण चर्चा कर ही कर्मचारियों को मनाने की कोशिश की और कई मांगों पर आश्वासन दिए लेकिन लंबे समय से इन आश्वासनों के पूरा नहीं होने पर कर्मचारियों में आक्रोश धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। हाल ही में केन्द्र के समान 8 प्रतिशत डीए देने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की है लेकिन यह कब से लागू होगा, वित्त विभाग अब तक तय नहीं कर पाया। इसे लेकर कर्मचारियों में संशय की स्थिति है लिहाजा, इस घोषणा ने भी सरकार के प्रति कर्मचारियों के गुस्से को कम नहीं किया।इधर कर्मचारियों की सभी मांगों को पूरा करने से पहले ही हाथ खड़ी चुकी सरकार इसके बावजूद कर्मचारियों को अपने पक्ष में करने की कवायद में जुटी है। राज्य मंत्रालय में इन दिनों इसी बात को लेकर जद्दोजहद जारी है। सूत्रों के कर्मचारियों की नाराजगी को दूर करने के लिए अनुसार वरिष्ठ अफसरों की राय पर प्रदेश में राजस्थान सरकार के फार्मूल को लागू किया जा रहा है। राजस्थान में सरकार ने जिला स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जिसमें कलेक्टर सहित जिले के सभी विभागों के अधिकारियों ने मौके पर ही कई समस्याओं का निराकरण किया है। इसी फार्मूले के तहत जल्द ही प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए जाएंगे। जिलों में समस्या समाधान के लिए विशेष शिविर लगेंगे जिसमें पदोन्नति, क्रमोन्नति, विभागीय जांच, निलंबन जैसे मामलों में पर भी सुनवाई होगी। इसके अलावा पेंशनरों की समस्याओं के लिए निपटारे के लिए भी बड़े अधिकारी इन शिविरों में मौजूद रहेंगे। बताया जाता है कि प्रदेश भर में शिविरों के आयोजन और समस्याओं के निपटारे के लिए सरकार ने जून और जुलाई का समय तय किया है। इन दो महीनों में कर्मचारियों की ज्यादा से ज्यादा समस्याएं हल की जांएगी। हालांकि इन शिविरों में कर्मचारियों की उन मांगों पर कोई बात नहीं होगी जो वे अब तक सरकार से करते हैं और जिनके खिलाफ उन्होंने आंदोलन तक का रास्ता अपनाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *