विधानसभा निर्वाचन की तरह आगामी पंचायत आम निर्वाचन में अभ्यर्थियों से नाम निर्देशन-पत्र के साथ शपथ-पत्र लिया जायेगा। गैर-राजनैतिक सामाजिक संगठन चुनाव के पूर्व, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद भी स्थानीय
स्व-शासन को मजबूत करने के लिये काम करेंगे। यह बातें मतदाता जागरूकता कार्यक्रम (सेन्स) में राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों और गैर-राजनैतिक सामाजिक संगठनों के साथ हुई परिचर्चा में बताई गई। आयोग के उप सचिव श्री बुद्धेश वैद्य ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से पंचायत निर्वाचन प्रक्रिया एवं कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन त्रुटिरहित मतदाता सूची बनवाने में सहयोग करें। श्री वैद्य ने बताया कि सिर्फ पंच का चुनाव मत पत्र से होगा। जिला और जनपद पंचायत सदस्य और सरपंच पद का चुनाव ईवीएम से होगा। इस चुनाव में मतगणना विकासखण्ड, तहसील और जिला स्तर पर की जायेगी। पहले मतदान केन्द्र पर ही मतगणना होती थी। अवर सचिव सुश्री शीला दाहिमा ने बताया कि जिले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मतदाता जागरूकता अभियान का नोडल ऑफिसर बनाया गया है। पंचायत पदाधिकारियों को नई ईव्हीएम से परिचित करवाने के लिये पंचायतों की साधारण सभा की बैठकों में ईव्हीएम का प्रदर्शन करवाया जा रहा है।