विगत दिनों हुई अनवरत वर्षा से बालाघाट जिले की बाघ, छोटी बाघ, सोन नदी एवं देव नदी में आई बाढ़ से बोरगाँव, गुलवा, पलहेरा, किन्ही, सेवती सहित किरनापुर विकासखण्ड के अनेक ग्राम
एवं टेमनी, कोचेवाही, डोंगरगाँव, बहेला सहित लॉजी विकासखण्ड के अनेक ग्राम में जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। सैकड़ों की तादाद में मकान बाढ़ का पानी भरने से गिर गये हैं। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही कर हर-संभव मदद देने का प्रयास किया गया है। मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने लाँजी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित सभी ग्राम के ग्रामीणों के प्रति संवेदना व्यक्त कर कहा कि संकट की घड़ी में मध्यप्रदेश शासन उनके साथ है तथा उन्हें हर तरह की सहायता प्रदान की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 23 जुलाई को राजधानी में बाढ़ आपदा बैठक की गई। बैठक में राज्य शासन ने जिला प्रशासन बालाघाट सहित प्रदेश के समस्त जिलों में अधिक वर्षा की स्थिति में अलर्ट रहने के निर्देश दिये। कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, प्रभारी मंत्री श्री जयंत मलैया एवं राजस्व मंत्री श्री रामपाल सिंह ने बालाघाट जिला कलेक्टर एवं आयुक्त जबलपुर संभाग को निर्देशित किया कि वे बाढ़ से प्रभावित परिवारों को हर-संभव सहायता मुहैया करवायें। उन्होंने पटवारियों के समूह बनाकर नुकसानी का व्यक्तिशः मूल्यांकन कर प्रकरण बनाने के निर्देश दिये। तात्कालिक रूप से प्रभावित परिवारों को स्थानीय स्तर पर शिविर में रखकर भोजन इत्यादि मुहैया करवाने को कहा गया है। शासन की ओर से ऐसे परिवारों, जिनके मकान पूर्ण रूप से गिर गये हैं, को पुनः बसाने हेतु वैकल्पिक तौर पर बाँस-बल्ली एवं छावनी का प्रबंध किया जा रहा है।