अगले एक वर्ष में मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में शौचालय व्यवस्था की जायेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा को मध्यप्रदेश सबसे पहले पूर्ण करने वाला राज्य बनेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज यहाँ एक महत्वपूर्ण
बैठक में प्रदेश के स्कूलों में शौचालयों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि एक वर्ष के भीतर प्रत्येक विद्यालय में शौचालय की उपलब्धता को चुनौती के रूप में लें। सुनिश्चित करें कि प्रदेश का एक भी स्कूल शौचालय विहीन नहीं रहे। श्री चौहान ने आज यहाँ विभागीय अधिकारियों की उच्च-स्तरीय बैठक में स्कूलों में शौचालय उपलब्धता की समीक्षा की। श्री चौहान ने बैठक में कहा कि प्रदेश में मर्यादा अभियान चल रहा है। स्कूलों के साथ हर घर में भी शौचालय बनाने का लक्ष्य तय किया जाय। उन्होंने कहा कि जहाँ भी शौचालय बने वहाँ पानी की उपलब्धता अनिवार्य रूप से रहे। शौचालय ऐसे बनाये जाएं जो उपयोगी हों तथा लम्बे समय तक चलें। इसी के साथ विद्यालयों में उपलब्ध शौचालयों का अभियान चलाकर सर्वेक्षण करवाया जाय। मरम्मत लायक शौचालयों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ठीक करा दिया जाय। जो शौचालय बिल्कुल अनुपयोगी हैं उनकी जगह नये बनाये जाएं। जिस भी विद्यालय में आवश्यकता है वहाँ शौचालय की डिजाइन सुधारने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शौचालयों में वेंटीलेशन तथा प्राकृतिक प्रकाश की व्यवस्था होना जरूरी है।