मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्धारित समयावधि में छात्रवृत्ति का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान आज यहाँ अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्तियों के वितरण की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक बच्चा स्कूल जाये और बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त करे। इसी मंशा से छात्रवृत्ति की विभिन्न योजनाएँ संचालित हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि गत वर्ष की लंबित छात्रवृत्तियों का वितरण सितम्बर माह में अनिवार्यत: हो जाए। इस वर्ष की सभी छात्रवृत्तियों का भी वर्ष अंत तक वितरण हो जाना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्कूलों में कितने बच्चे इस वर्ष पढ़ रहे हैं, गत वर्ष से कितने बच्चे पढ़ रहे थे, कितने बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं, इसकी जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने स्कूल चलें हम अभियान की इम्पेक्ट स्टडी करवाने और उसके परिणामों के आधार पर अभियान का दूसरा चरण संचालित करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि देश में पहली बार मध्यप्रदेश में कक्षा एक से बारहवीं तक के समस्त विद्यार्थियों की मेपिंग का कार्य किया गया है। व्यवस्था में प्रदेश के छात्र को केवल एक बार पहली कक्षा में प्रवेश के समय पर आवेदन देना होगा। उसके बाद बारहवीं तक उसे पात्रता अनुसार छात्रवृत्ति मिलती रहेगी। बैठक में बताया गया कि फीस नियामक आयोग द्वारा इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस का पुनर्निर्धारण किया गया है। शासन द्वारा पात्रतानुसार छात्रों की फीस की प्रतिपूर्ति की जा रही है।