वित्तीय वर्ष 2012-13 में मध्यप्रदेश की विकास दर 10.02 प्रतिशत रही। यह देश में सर्वाधिक है। इसी तरह कृषि विकास दर भी गत वर्ष देश में सर्वाधिक आँकी गयी। मध्यप्रदेश में किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर दिये जा रहे ऋण, कृषि केबिनेट का गठन, उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण आदि की सुविधाओं के फलस्वरूप इस वर्ष भी कृषि वृद्धि दर 16 प्रतिशत होने की उम्मीद है। सिंचाई, विद्युत व्यवस्था में भी पूरे प्रदेश में व्यापक सुधार आया है। यह जानकारी यहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा योजना आयोग के साथ 22 मई को दिल्ली में होने वाली बैठक से पहले की गयी राज्य स्तरीय समीक्षा में दी गयी। श्री चौहान विभिन्न परियोजनाओं, उपलब्धियों की जानकारी देकर योजना आयोग की बैठक में राज्य की अपेक्षाओं का जिक्र करेंगे।