मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कृषि आधारित लघु एवं कुटीर उद्योगों का जाल बिछाया जाएगा। कृषि एवं सहायक व्यवसायों में रोजगार के नये अवसर पैदा किये जायेंगे।
श्री चौहान आज यहाँ ‘समय-अन्नपूर्णा 2014 सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, राजस्व मंत्री श्री रामपाल सिंह और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी सहित कृषक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कृषि को फायदे का सौदा बनाने का संकल्प नारा नहीं मंत्र है। एक समय कृषि में ऋणात्मक विकास दर और बीमारू राज्य के नाम से पुकारा जाने वाला मध्यदेश देश का सबसे तेजी से विकसित राज्य है। प्रदेश की कृषि विकास दर देश में ही नहीं विश्व में सर्वाधिक है। श्री चौहान ने कहा कि ये उपलब्धि मंजिल नहीं पड़ाव है। प्रयास है कि मध्यप्रदेश के अन्न उत्पादन से आधे हिन्दुस्तान का पेट भरे। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि महोत्सव के माध्यम से फसल चक्र परिवर्तन, नई खेती पद्धति और तकनीक के साथ ही कृषि से जुड़े अन्य व्यवसायों के विकास के लिए जन-जागृति लाने का प्रयास किया जा रहा है।