किसान कल्याण तथा कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने अपने विभाग की उपलब्धियों और प्रदेश में लगातार हो रही कृषि विकास वृद्धि का श्रेय किसानों के साथ, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और प्रदेश के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किये जा रहे अनुसंधान को दिया है।
श्री बिसेन ने कहा कि हमारा प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में आत्म-निर्भर हो चुका है। हम अपनी आवश्यकताओं के अतिरिक्त अनाज निर्यात भी कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को हर-संभव मदद दी जा रही है। इससे कृषि विकास की गति तेज हुई है। कृषि मंत्री ने कहा कि सभी को अपने घर की छतों और जहाँ भी स्थान सुलभ हो, वहाँ कुछ न कुछ सब्जी, फल-फूल या अन्य कोई वनस्पति लगाना चाहिये। इससे पर्यावरण शुद्ध होगा और ताजी खाद्य सामग्री भी मिल सकेगी। मंत्री ने कहा कि जैविक उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद का कोई मुकाबला नहीं है। इसलिये जैविक कृषि उत्पादन और उपभोग, दोनों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा प्रेरित स्वच्छ भारत अभियान के प्रति सप्ताह में दो घंटे अतिरिक्त कार्य करने के संबंध में भी कहा।