हरियाणा पुलिस ने कहा है कि बरवाला में रामपाल के आश्रम से चार शव मिले है़। आज दोपहर चंडीगढ़ में पुलिस महानिदेशक एस.एन वशिष्ठ ने कहा कि सतलोक आश्रम के समर्थकों ने आज सवेरे चार महिलाओं के शव सौंपे।
आज सवेरे आश्रम के लोगों ने चार महिलाओं की डैड बॉडिज को प्रशासन को सौंपा है। इन सभी को अगरोहा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इस समय तक इनके शरीर पर किसी भी प्रकार की चोट का कोई निशान नहीं है। ये मौत कुदरती है या मारा गया है, अननेचुरल है, दम घुटने से है, भगदड़ से है जिस तरह से भी है पोस्टमार्टम के बाद पता लगेगा। और उसके अनुसार जो कानूनी कार्रवाई होगी वो की जायेगी। मैं फिर से दोहराना चाहूंगा कि कल के एक्शन में या अब तक के एक्शन में पुलिस के द्वारा कोई गोली नहीं चलाई गई और न ही पुलिस के द्वारा अभी तक आश्रम में प्रवेश किया गया है। आपरेशन बिना रूके जारी रहेगा। मैं यह भी बताना चाहूंगा कि अब तक की सूचना के मुताबिक रामपाल अभियुक्त आश्रम में ही मौजूद है। और जब तक हम पकड़ नहीं लेगें हम इस आपरेशन को हम समाप्त नहीं करेंगे। धारा 121 का मुकदमा दर्ज किया गया है। रामपाल भी इसमें शामिल है कांसपरेसी में, एफआईआर में नाम है उसका। इस बीच, एक महिला और एक बच्चे को आज तड़के आश्रम से गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। चिकित्सा सहायता देर से मिलने के कारण बाद में उनकी मृत्यु हो गई। हरियाणा पुलिस ने रामपाल पर राजद्रोह का आरोप लगाया है। उसपर आपराधिक षडयंत्र और दंगा फैलाने के मामले दायर किए गए हैं। कल की घटना में पुलिस और रामपाल के समर्थकों के बीच हुए संघर्ष में मीडिया कर्मियों सहित दर्जनों लोगों को कथित रूप से पीटा गया था। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि रामपाल के साथ बातचीत का कोई सवाल ही नहीं है और उसे कानून के समक्ष समर्पण करना होगा। अब तक आपराधिक षडयंत्र के मामले में 270 लोगों को पकड़ा गया है। रामपाल और उसके अनुयायियों पर दंगा करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने का आरोप है। अब तक लगभग दस हजार अनुयायी बरवाला के सतलोक आश्रम छोड़कर जा चुके हैं। हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि रामपाल को गिरफ्तार करने की कार्रवाई फिर शुरू करने से पहले अधिकारी अधिक से अधिक लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अुनसार अभी भी पांच हजार लोग आश्रम में हैं। पुलिस ने आज की कार्यवाही अभी तक इसलिए रोकी हुई है ताकि वे बचे हुए समर्थकों जिनमें बच्चे और महिला शामिल हैं को आश्रम छोड़ने का समय दें। पुलिस ने रामपाल के समर्थकों द्वारा कई प्रकार के हथियारों द्वारा हमले किये जाने के बावजूद गोलीबारी का इस्तेमाल नहीं किया है। पुलिस ने अभी भी आश्रम की घेराबंदी की हुई है। रामपाल 2006 में रोहतक जिले के कैनथोला में अपने आश्रम में हुई हत्या के मामले में जमानत पर हैं। उनपर हत्या के षडयंत्र का आरोप है और वे इस मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष पेश नहीं हुए।