मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा जिले की शमशाबाद तहसील के ग्राम लाड़पुर में ओला वृष्टि से हुई क्षति को देखा। उन्होंने प्रभावित किसानों से बातचीत भी की। किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गत 15-16 मार्च को ओला गिरने से गेहूँ की पूरी फसल खराब हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओले फसल पर नहीं किसानों के सपनों पर गिरे हैं। प्राकृतिक विपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार ओला प्रभावित किसानों के साथ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों के नुकसान के आंकलन के लिए स्थानीय जन-प्रतिनिधि, पंच-सरपंच की भागीदारी तय करने निर्देश दे दिए गए है। जन-प्रतिनिधि, कृषि, राजस्व, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को क्षति का आंकलन करने में मदद करेंगे। उन्होंने फसल कटाई प्रयोगों की शुद्धता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों को फसल-बीमा योजना का लाभ लेना अत्यधिक सुविधाजनक होगा। अभी आमतौर पर बीमा कम्पनी किसानों से फसल बीमा प्रीमियम का पैसा तो ले लेती हैं, किन्तु फसल कटाई प्रयोगों में होने वाली गड़बड़ियों के कारण इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पाता है। श्री चौहान ने फसल कटाई प्रयोगों के लिए अधिकारियों से कहा कि वे इस कार्य को विशेष सावधानी के साथ पूरा करवाये।
श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष किसानों को फसल बीमा योजना के जरिये 2187 करोड़ की राशि दिलवाई गयी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष ओला प्रभावित किसानों को 3000 करोड की राहत राशि दी गई थी। इस बार भी किसी भी पात्र किसान को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जायेगा।
ओला गिरने से यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजन को डेढ़ लाख, पशु-हानि पर 16 हजार 500 और छोटे जानवरों की मृत्यु होने पर 10,000 रूपए की सहायता दी जाएगी। प्रभावित किसान की बेटी की शादी के लिए 25 हजार रूपए दिए जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि राजस्थान से आये भेड़पालकों की भेड़े यदि ओले से मर गई है, तो उन्हें भी पात्रता अनुसार राशि दी जायेगी। उन्होंने किसानों को सांत्वना देते हुए कहा कि इस संकट से सभी मिल-जुलकर निपटेंगे। इस अवसर पर सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, विधायक श्री सूर्य प्रकाश मीणा, जन-प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।