मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा में किसानों की आँखों में आँसू नहीं आने दिये जायेंगे। किसानों की 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति को शत-प्रतिशत माना जायेगा और प्रति हेक्टेयर 15 हजार की दर से राहत राशि दी जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान शुक्रवार को छिन्दवाड़ा जिले के ग्राम सिहोरा मडका में फसलों के नुकसान का जायजा लेने के बाद किसानों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल बीमा का लाभ दिलवाया जायेगा। पचास प्रतिशत से अधिक नुकसान वाले किसानों के कर्ज की वसूली स्थगित की जायेगी। अल्पावधि ऋणों को मध्यावधि ऋणों में बदला जायेगा तथा इस ऋण का ब्याज किसानों को नहीं देना पड़ेगा, बल्कि सरकार ब्याज की राशि चुकायेगी। प्रभावित किसानों को आगामी फसल के खाद, बीज आदि के लिये जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाया जायेगा और कोई ओवरड्यू नहीं लिया जायेगा।
श्री चौहान ने कहा कि फसल क्षति आकलन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी तथा राजस्व के साथ ही कृषि और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी मिलकर सर्वे करेंगे। सर्वे में आम जनता के सहयोग से पूरी पारदर्शिता रखते हुए प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जायेगी। सर्वे सूची पंचायत भवन में प्रदर्शित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिये कि कृषि, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के माध्यम से प्रत्येक खेत का सही-सही सर्वे करवायें। कोई भी प्रभावित किसान छूटे नहीं, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि क्राप कटिंग परीक्षण का कार्य शुरू कर प्रभावित किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलवाने का कार्य किया जाए। बीमा कम्पनी द्वारा प्रदत्त राशि के अतिरिक्त किसानों द्वारा जो राशि देय होगी, उसे राज्य सरकार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रभावित किसानों की मदद के लिये राशि मंजूर की गई है। उन्होंने कहा कि जितनी भी राशि की आवश्यकता होगी, उतनी दी जायेगी।