बच्चों का टीकाकरण कर उनका जीवन बचाने के मिशन इंद्रधनुष की प्रदेशव्यापी शुरूआत 7 अप्रैल को विदिशा जिले से हो रही है। मिशन इंद्रधनुष एक-एक सप्ताह के चार चरण में संचालित किया जायेगा। इसके अंतर्गत दो वर्ष तक के बच्चों
और गर्भवती महिलाओं को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिये टीके लगाये जायेंगे। दूसरा चरण 7 मई, तीसरा चरण 7 जून और चौथा चरण 7 जुलाई को होगा।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में मिशन इंद्रधनुष की रणनीति की समीक्षा करते हुए सभी जिलों में टीकाकरण से जुड़े विभागीय अमले को प्रशिक्षण देने और टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और माताओं के जीवन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के माध्यम से हर बच्चे का जीवन सुरक्षित करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने सभी सरपंचों और महापौरों से आग्रह किया है कि वे मिशन इंद्रधनुष में पूरी सक्रियता से भाग लें और सुनिश्चित करें कि हर बच्चे को सभी 7 टीके अनिवार्य रूप से लग जायें। उन्होंने कहा कि इस अभियान से हर नागरिक और माता-पिता का जुड़ना ही इसकी सबसे बड़ी सफलता होगी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी टीकाकरण अभियान में शामिल होंगे और अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगे। अभिभावकों के सक्रिय सहयोग से टीकाकरण में मध्यप्रदेश देश में सबसे अग्रणी राज्य बनेगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में टीकाकरण का प्रतिशत 66.4 है जो राष्ट्रीय औसत 65 प्रतिशत से ज्यादा है। इस अभियान से 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की रणनीति बनाई गई है।