मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन के माध्यम से शिकायतकर्ताओं के प्रकरणों का निराकरण करते हुये लापरवाह और अनावश्यक विलंब के लिये जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
सागर जिले के श्री सोमवती अहिरवार द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना में समय पर पंजीयन नहीं कराने के कारण मुख्यमंत्री ने सागर संभागायुक्त को इस संबंध में जाँच कर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने संभागायुक्तों और कलेक्टरों से चर्चा करते हुये कहा कि आम नागरिकों को लाभ पहुँचाने वाली योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
उमरिया जिले की शिकायतकर्ता श्रीमती भगवती रजक ने मुख्यमंत्री को बताया कि कृषि कार्य करने के दौरान उनके पति की मृत्यु हो गयी लेकिन मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना में पात्र होने के बावजूद उन्हें आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री ने इसे अमानवीय बताते हुये विलम्ब के लिये जिम्मेदार संबंधित नायब तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये। उन्होंने श्रीमती रजक को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से तत्काल 50 हजार रूपये की सहायता भी स्वीकृत की। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि वे ऐसे प्रकरणों की गंभीरता से समीक्षा करें जिनमें निचले स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही से अनावश्यक विलम्ब होता है।
दमोह जिले के श्री अभिषेक साहू द्वारा सन्निर्माण कर्मकार मंडल की सुपर 500 योजना के अन्तर्गत छात्रवृत्ति देने में विलम्ब होने को गंभीरता से लेते हुये मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से इस प्रकरण में जाँच करने के निर्देश देते हुये संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिये। उन्होंने श्री अभिषेक साहू की पढ़ाई के लिये तत्काल 35 हजार की सहायता राशि प्रदान की और उसे पूरी लगन के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिये प्रेरित किया। श्री अभिषेक साहू के पिता श्रमिक हैं और उसने 10वीं कक्षा में 95 प्रतिशत नम्बर प्राप्त किये हैं और 12वी की परीक्षा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार श्रमिक कल्याण कार्ड जारी हो जाने के बाद योजनाओं के लाभ के लिये बार-बार पात्रता का सत्यापन करना उचित नहीं है। यह नकारात्मक दृष्टिकोण है।