पिछड़ा-अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं की फीस राज्य सरकार भरेगी

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि प्रदेश में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय संस्थाओं, भोपाल में मेनिट, एन.आई.टी.टी.टी.आर. इंदौर में आई.आई.टी, आई.आई.एम में चयनित होने वाले पिछड़ा-अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र छात्राओं

की फीस राज्य सरकार भरेगी। श्री चौहान आज यहाँ समन्वय भवन में रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग एवं मध्यप्रदेश अल्पसंख्यक सेवा राज्य पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय के राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिये वे सभी प्रयास कर रही है जिससे वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। पिछड़े वर्ग के शैक्षणिक उत्थान के लिए प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बालक छात्रावास खोले गये हैं। अल्पसंख्यक छात्राओं के लिये प्रदेश के प्रमुख शहरों में चार नये कन्या छात्रावास खोले जायेंगे। प्रदेश में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों की संख्या जो मात्र 10,000 थी अब बढ़कर एक लाख 65 हजार हो गई है। अखिल भारतीय एवं राज्य सेवाओं की परीक्षा तैयारी के लिए भी प्रशिक्षण दिया जायेगा। विदेश में अध्ययन के लिए जाने वाले विद्यार्थियों की भी राज्य सरकार आर्थिक सहायता करती है।

श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कौशल उन्नयन के लिये मिशन मोड में प्रयास किये जा रहे हैं। हर विकासखण्ड स्तर पर आई.टी.आई. खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के ऐसे छात्र, जो वर्ष 2014-15 की छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित तिथि तक आवेदन नहीं कर सके थे, को आगामी 15 जून तक आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा में कोई रूकावट नहीं आये इस हेतु छात्रावास बनाये गये हैं। इसके साथ ही किराये से कमरा लेकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों के कमरे के किराये की प्रतिपूर्ति भी सरकार कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समाज की सेवा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वालों का योगदान अनुरूप सम्मान करना समाज और सरकार का कर्त्तव्य है। विभूतियों का सम्मान कर सरकार धन्य है। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाये। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक कारणों से पिछड़ गये वर्ग-समुदाय को मुख्य धारा में लाने का प्रयास राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों पर सबका समान हक है। इसलिये जो उनका उपयोग करते हैं, उनसे कर के रूप में राजस्व प्राप्त कर गरीब पिछड़ों की मदद कर सरकार सामाजिक न्याय का कार्य कर रही है। इसी भावना से प्रदेश में 70 प्रतिशत आबादी को एक रूपये किलो पर गेहूँ, चावल, और नमक उपलब्ध करवाया जा रहा है।

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