कृषि बीमा योजना और व्यावहारिक बनेगी

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में किसान बीमा योजना को और प्रभावी बनाया जायेगा, ताकि किसानों को योजना का अधिकतम लाभ मिल सके। इसके लिये शीघ्र ही बैठक बुलाई जायेगी। इसमें बीमा कम्पनियों के अधिकारी, बेंक तथा कृषि सहित

अन्य विभाग के अधिकारी रहेंगे। श्री चौहान आज सीहोर जिले के शाहगंज में कृषि महोत्सव का शुभांरभ कर रहे थे। कृषि मंत्री श्री गौरी शंकर बिसेन, राजस्व मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामपाल सिंह, मार्कफेड के अध्यक्ष श्री रमाकांत भार्गव उपस्थित थे।

श्री चौहान ने कहा कि अभी तक बीमा कम्पनियॉ किसानों से इंश्योरेंस की राशि तो ले लेती है, लेकिन प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उनके नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती है। अब ऐसी फसल बीमा योजना बनाने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें किसानों को क्षति होने की स्थिति में न्यूनतम राशि की भरपाई हो। भविष्य में बनने वाली नई बीमा नीति में प्रीमियम की राशि केन्द्र और राज्य भरें, ऐसे प्रयास किये जायेंगे। खेती-किसानी को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिये राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसान अन्तरवर्तीय फसलें लें। उघानिकी फसलों की खेती अब अधिक लाभप्रद है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों से मिट्टी परीक्षण कर जैविक उर्वरकों के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक ओर तो रासायनिक उर्वरकों को खरीदने के लिये किसानों को अनाप-शनाप कीमत चुकानी पड़ती है, वहीं दूसरी ओर मिट्टी की उपजाऊ क्षमता पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश के हर विकासखंड मुख्यालय पर मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएँ स्थापित की जा रही हैं। अगले तीन साल में प्रत्येक किसान के पास उसके खेती की मिट्टी का स्वास्थ्य कार्ड होगा।

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