गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश के आंतरिक सुरक्षा वातावरण में बड़ा सुधार आया है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में हिंसा की घटनाओं और वाम उग्रवाद से प्रभावित राज्यों में हिंसा में कमी आई है। श्री सिंह एनडीए सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर अपने मंत्रालय की उपलब्धियों के बारे में नई दिल्ली में आज एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 2013 में घुसपैठ की 277 घटनाएं हुई थीं, जबकि 2014 में यह घटकर 220 पर आ गई। इसी तरह जहां 2013 में 67 आतंकवादी मारे गये थे, वहीं 2014 में 110 आतंकवादियों का खात्मा किया गया।
श्री सिंह ने कहा कि उनके मंत्रालय ने वाम उग्रवाद की चुनौतियों से निपटने के लिए नीति तैयार की है और इस बारे में सम्बद्ध राज्यों से राय मांगी है। राज्यों से एक बार रिपोर्ट मिल जाने के बाद रक्षा से संबंधित मंत्रिमण्डलीय समिति के समक्ष इस मामले को पेश किया जाएगा।
गृहमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर की स्थिति में सुधार से पड़ोसी देश में हताशा की भावना पैदा हुई है, क्योंकि वह घाटी के युवाओं को फुसलाने की कोशिश कर रहा है।
जम्मू कश्मीर में पिछले एक साल में जो हालात सुधरे हैं उसका एक परिणाम यह हुआ है कि हमारे पड़ोसी देश में एक डिस्परेशन के हालात पैदा हुए हैं। हमारे देश के नवयुवकों को बरगलाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन देश के नवयुवकों का आह्वान करना चाहता हूं और विशेष रूप से कश्मीर घाटी के युवकों का आह्वान करना चाहता हूं उनके बहकावे में न आयें। क्योंकि उनका भविष्य यदि जुड़ा है तो भारत के साथ उनका भविष्य जुड़ा है।
गृहमंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी झण्डा फहराने की घटनाओं में पिछले वर्षो की तुलना में कमी आई है।
भारत की धरती पर पाकिस्तान का झंडा यदि कोई फहराता है तो इस मामले में किसी भी सूरत में कॉम्प्रोमाइज नहीं कर सकते। हम लोगों ने प्रभावी कार्यवाही भी की है उस संबंध में और मैं तो अपने कश्मीर घाटी के नौजवानों से भी मैं अपील करना चाहता हूं कि जो लोग भी पाकिस्तान का झंडा फहराने की कोशिश करते हैं उनका बॉयकाट किया जाना चाहिए।
श्री सिंह से पूछा गया कि क्या सरकार जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों से बातचीत करेगी। उन्होंने बातचीत करने से इन्कार किया।
पत्रकारों के प्रश्नों के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि केन्द्र दिल्ली सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता।
हम किसी के जरिये शासन नही चलाना चाहते। दिल्ली सरकार काम करे इससे हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जो कांस्टीट्यूशनल प्रोविजन हैं उनको अपहोल्ड करना भी तो हमारी जिम्मेदारी है।
श्री सिंह ने यह भी कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
कालेधन के बारे में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री सिंह ने बताया कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश में रखे हुए कालेधन के मामलों पर जांच के लिए विशेष जांच दल-सिट का गठन किया है। माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम के बारे में गृहमंत्री ने कहा कि सरकारी एजेंसियां इंटरपोल के जरिये उसका पता लगा रही हैं। चाहे वह दाउद इब्राहिम हो अथवा मोहम्मद अजहर मसहूद हो, चाहे वह जकी-उर- रहमान लखवी हो चाहे हाफिज सईद हो सबके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किये जा चुके हैं। और समय-समय पर पीरिडियकली हमारा इंटरपोल इज इन कंस्लटेशन विद द नेशनल सेंटर ब्यूरो ऑफ द कंसंर्ड कंटरी। श्री सिंह ने बताया कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंगलादेश में धार्मिक आधार पर परेशान किये जा रहे अल्पसंख्यकों के लिए दीर्घावधि का वीजा उपलब्ध कराने के सवाल पर विचार के लिए कार्यबल गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ लोगों को पहले ही नागरिकता दे दी है और इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।