छत्तीसगढ़ में विपक्षी कांग्रेस के विधायकों ने सामूहिक इस्तीफे का प्रस्ताव किया है। उन्होंने पिछले महीने कांग्रेस नेताओं पर माओवादी हमले और सुरक्षा में सरकार की कथित विफलता के मद्देनजर यह फैसला किया है। विधायकों का मक़सद विधानसभा भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए दबाव बनाना हैं। कांग्रेस द्वारा पहले सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार और अब कांग्रेस विधायकों की ओर से सामुहिक इस्तीफे की पेशकश छत्तीसगढ़ सरकार पर दबाव बनाने की पार्टी की रणनीति का एक हिस्सा है। कांग्रेस बस्तर जिले में हुए नक्सली हमले के लिए राज्य सरकार की सुरक्षा चूक को सबसे बड़ा कारण मानती है। छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने संकेत दे दिये हैं कि आने वाले समय में वह छत्तीसगढ़ में २५ मई के नक्सली हमले के साथ-साथ राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति को राज्य में सबसे बड़ा मुद्दा बनाएगी।