मंत्रालय भवन (वल्लभ भवन) के समक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में राष्ट्र गीत वंदे-मातरम् का सामूहिक गायन आज हुआ। यह राष्ट्र गीत का 121वाँ सामूहिक गायन था । गृह मंत्री श्री बाबूलाल गौर इस मौके पर मौजूद थे।
इसके अलावा मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन श्री के. सुरेश, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री इक़बाल सिंह बैंस और सचिव स्तरीय अधिकारियों के अलावा वल्लभ भवन के सभी शासकीय सेवक और सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के विभागाध्यक्ष राष्ट्र गीत के सामूहिक गायन में शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि श्री बंकिम चन्द्र चटर्जी लिखित राष्ट्र गीत वन्दे-मातरम् को देश के प्रसिद्ध गायक-गायिकाओं ने अपना स्वर दिया है। देश के अनेक राज्य यह परंपरा प्रारम्भ नहीं कर सके हैं। इस मायने में राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश की पहल प्रशंसनीय मानी गई है।
राष्ट्रगीत गायन में कोई भी स्वैच्छिक रूप से शामिल हो सकता है। शासकीय सेवकों के सम्मिलित होने की भी कोई बाध्यता नहीं है। एक श्रेष्ठ परम्परा के दस साल पूरे हो चुके हैं। आज गायन में मुख्य स्वर देने वाले गायक कलाकारों की ओर से संगीतमय गायन प्रस्तुत किया गया। मंत्रालय के पास वल्लभ भाई पटेल उद्यान में इस गायन के अवसर पर अनेक बार मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य के कई मंत्री, मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहते हैं। पिछले दस साल से लगातार यह गायन हर माह के प्रथम कार्य दिवस पर होता है। शासकीय सेवक सहित सभी नागरिकों में राष्ट्र भक्ति और देश प्रेम की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से वन्दे-मातरम् गायन का यह मासिक समवेत गायन एक जुलाई 2005 से शुरू किया गया। तब से सफलता से यह गायन हो रहा है। केंद्र सरकार के कुछ अधिकारी कर्मचारी भी इसमें रूचि लेकर शामिल होते हैं। वल्लभ भवन में पदस्थ अनेक शासकीय सेवक वन्दे-मातरम् गायन को मुख्य स्वर देते हैं। यह कार्य वे स्वैच्छिक रूप से करते हैं। अनुशासित ढंग से राष्ट्र गीत का संगीतमय गायन करने वाले करीब तीस लोगों का समूह है। यह समूह गायन का नियमित रियाज़ भी करता है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गायक दल को वाद्य यंत्र प्रदान किए हैं।
सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में राष्ट्र गीत गायन के साथ ही अब विभिन्न अवसर पर देश भक्ति के तराने और धुनें गूँजेंगी। इसके लिए पुलिस बेंड का सहयोग भी मिलेगा। हाल ही में 235 फ़ीट ऊँचाई पर राष्ट्र ध्वज के आरोहण के बाद इस उद्यान के महत्त्व में वृद्धि हुई है। भोपाल शहर के अनेक स्थान से यह विशाल राष्ट्रध्वज दिखाई देता है।